इस रोवर के नए साल के आसपास चंद्रमा की सतह पर लैंड करने की उम्मीद है। चांग ई-4 की सफल लांचिंग ने चीन के चंद्र अन्वेषण मिशन की लंबी यात्रा की अच्छी शुरुआत की है, जो अंधेरी सतह पर नए प्रयोगों और असंगत इलाकों का पता लगाएगा।
सोवियत संघ ने ली थी पहली तस्वीर
1959 में पहली बार सोवियत संघ ने चंद्रमा की दूसरी तरफ की सतह की पहली तस्वीर ली थी, जिससे चंद्रमा की डार्क साइड के कुछ रहस्यों को सुलझाने में मदद मिली थी। अभी तक कोई भी लैंडर या रोवर चांद की दूसरी ओर की सतह पर नहीं उतर सका है।
रोवर से संपर्क स्थापित करना थी सबसे बड़ी चुनौती
चांद की दूसरी ओर की सतह होने के कारण इस मिशन में सबसे बड़ी चुनौती रोबोटिक लैंडर (रोवर) के साथ संपर्क स्थापित करने की थी। इसके लिए चीन ने मई में क्यूक्यिाओ सेटेलाइट को चांद की कक्षा में स्थापित किया ताकि लैंडर और धरती के बीच डाटा और सूचनाओं का आदान प्रदान किया जा सके।