चीन ने कस्टम जांच में पहली बार अपने 10 तेजतर्रार रोबोट को लगा दिए हैं। ये रोबोट गुआंगडोंग प्रांत के तीन बंदरगाहों पर संदिग्ध लोगों की पहचान करेंगे और खतरे की घंटी बजा देंगे। इनकी नियुक्ति सीमा शुल्क अधिकारी के तौर की गई है। चीन की समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक गोंगबेई, हेंगकिन और झोंगशान बंदरगाहों पर कस्टम जांच के लिए रोबोट के पहले बैच का इस्तेमाल किया जा रहा है।
शियाओ हाई नामक रोबोट स्टेट ऑफ द आर्ट प्रौद्योगिकी से लैस हैं और यह सुनने, बात करने, सीखने, देखने और चलने में सक्षम हैं। एक विशेष सीमा शुल्क संबंधी डेटाबेस के आधार पर ये रोबोट कैंटोनीज, मंदारिन, अंग्रेजी और जापानी सहित 28 भाषाओं और बोलियों में सवालों का जवाब दे सकते हैं।
हालांकि यह कुछ खास समस्याओं का समाधान नहीं कर सकते हैं। सीमा शुल्क अधिकारियों का कहना है कि वे इन रोबोट को भविष्य में अपने ग्राहक सेवा हॉटलाइन से जोड़ देंगे। गोंगबेई सीमा शुल्क निदेशक झाओ मिन के अनुसार चेहरा पहचानने वाली तकनीक से युक्त यह रोबोट संदिग्ध लोगों का पता लगाकर अलार्म बजा सकते हैं। सनद रहे कि पिछले महीने चीन ने पहली बार एक रोबोट को सुरक्षा जांच के लिए गुआंगडोंग प्रांत के सबसे व्यस्ततम हवाईअड्डों में से एक पर नियुक्त किया था।