डोकलाम विवाद के बाद ब्रिक्स समिट में भारत को एक बड़ी कूटनीतिक जीत हासिल हुई है, समिट के घोषणापत्र में चीन के विरोध के बाद भी आतंकवाद का मुद्दा शामिल किया गया। जिसमें पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी संगठनों लश्कर ए तैयबा और जैश ए मोहम्मद का नाम लेकर उनकी निंदा की गई।
वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रिक्स के बिजनेस काउंसिल की बैठक में भाग लिया। इस दौरान पीएम ने कहा कि जीएसटी भारत की सबसे बड़ी आर्थिक सुधार वाली नीति है। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया, स्टार्ट-अप इंडिया और मेक इन इंडिया जैसे कार्यक्रम भारत के आर्थिक परिदृश्य को बदल रहे हैं। ये कार्यक्रम भारत को एक ज्ञान आधारित-स्किल और टेक्नलॉजी के जरिए समाज में बदलाव कर रहे हैं।
साफ था कि आतंकवाद के मुद्दे पर भारत दुनिया के सामने अपना पक्ष रखने में सफल रहा। घोषणापत्र में इस बात का भी जिक्र किया गया कि आतंक के खिलाफ दुनिया के सभी देशों को मिल जुलकर लड़ना होगा, और यह जिम्मेदारी किसी एक देश की नहीं सभी देशों की है।
इससे पूर्व चीन के राष्ट्रपति ने भारत पर दबाव बनाने का प्रयास किया था कि वह आतंकवाद का मुद्दा ब्रिक्स सम्मेलन में न उठाए, लेकिन भारत के आगे उसकी एक न चली। पीएम मोदी ने आतंकवाद के मुद्दे पर अपना रुख यह कहकर पूरी तरह स्पष्ट कर दिया था कि शांति के लिए सहयोग जरूरी है और यह आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर ही हासिल हो सकता है।
घोषणापत्र में निम्न मुद्दे शामिल किए गए-
-तकनीक का इस्तेमाल आतंकवाद से निपटने के लिए किया जाए।
-ब्रिक्स के घोषणापत्र में आतंकवाद का मुद्दा शामिल किया गया।
-घोषणापत्र में पाक के आतंकी संगठनों लश्कर ए तैयबा और जैश ए मोहम्मद की निंदा की गई।
-लश्कर और जैश के अलावा तहरीक ए तालिबान और हक्कानी नेटवर्क जैसे आतंकी संगठनों की भी चर्चा की गई।
-मांग की गई कि आतंकवद का साथ देने वाले बेनकाब हों, बाकी देशों को इस मुद्दे पर साथ देने की अपील की गई।
-आतंक की फंडिंग पर भी चोट करने की मांग की गई।
Leaders called on states to prevent financing of terrorist networks & terrorist actions from their territories: Preeti Saran #BRICS2017 pic.twitter.com/Z99rwyVL0U
— ANI (@ANI) September 4, 2017
For the first time there was specific listing of terrorists outfits: Preeti Saran, MEA Secretary (East) #BRICS2017
— ANI (@ANI) September 4, 2017
All #BRICS leaders strongly condemned terrorism in all its forms, called for greater efficiency in designation of terrorists: Preeti Saran pic.twitter.com/vwfMfsAeDQ
— ANI (@ANI) September 4, 2017
PM gave a futuristic forward looking transformational blueprint for BRICS for the next decade: Preeti Saran, secretary (east), MEA pic.twitter.com/NiqW5K25de
— ANI (@ANI) September 4, 2017
PM shared thoughts on deepening #BRICS partnership: Preeti Saran, Secy (East) #BRICS2017 pic.twitter.com/Oa1wkmLn1d
— ANI (@ANI) September 4, 2017
इससे पूर्व मोदी ने सभी देशों को संदेश देते हुए साफ किया कि सुरक्षा का मुद्दा बेहद अहम है और सभी देशों को शांति के लिए सहयोग करना होगा। हमारा देश युवाओं का देश है, हमने काले धन के खिलाफ लड़ाई छेड़ी और वो अभी भी जारी है। पीएम मोदी ने भारत का लक्ष्य विकास को अहमियत देना बताया। उन्होंने ये भी कहा कि स्मार्ट सिटी, स्वास्थ्य, शिक्षा में सुधार पर जोर देना है।
A strong BRICS partnership and innovation I am sure will be the instrument for progress: PM Modi #BRICSSummit pic.twitter.com/BOYr7jRVWr
— ANI (@ANI) September 4, 2017
We are in mission-mode to eradicate poverty; to ensure health, sanitation, skills, food security, gender equality, energy, education:PM Modi pic.twitter.com/VK4OpPJ9Pd
— ANI (@ANI) September 4, 2017
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इस समिट की शुरूआत रविवार शाम हो गई थी, लेकिन पीएम मोदी ने सोमवार को अपना भाषण दिया। पीएम मोदी ने अपने भाषण में हर बार की तरह इस बार भी शांति की अपील की। इससे पहले शी जिनपिंग ने भी अपने भाषण में आपसी सहयोग की बात कही थी।