दोनों देशों के बीच ब्रह्मपुत्र नदी से संबंधित हाइड्रोलॉजिकल सूचनाओं को साझा करने पर एक समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान हुआ है। भारत से बासमती के अलावा दूसरी तरह के चावल के भी निर्यात की आवश्यकताओं की व्यवस्था में बदलाव से जुड़े करार पर भी हस्ताक्षर हुए हैं।
वुहान में बनी सहमति की समीक्षा
वुहान अनौपचारिक वार्ता के दौरान एशिया की दो बड़ी शक्तियों के बीच संबंधों को मजबूत करने पर नजरिया साझा किया गया था। मोदी-जिनपिंग ने इसके क्रियान्वयन में हुई प्रगति की समीक्षा की।
भविष्य के रिश्तों का खाका खींचा
भारत में चीन के राजदूत लुओ झाओहुई ने कहा कि दोनों नेताओं ने अपना ध्यान वुहान में बनी सहमति के क्रियान्वयन पर केंद्रित रखा। साथ ही भारत-चीन के भविष्य के रिश्तों का खाका खींचा।
क्या है शंघाई सहयोग संगठन
एससीओ की स्थापना 2001 में हुई थी। इसका उद्देश्य सीमा विवादों का हल, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई, क्षेत्रीय सुरक्षा को बढ़ाना और मध्य एशिया में अमेरिका के बढ़ते प्रभाव को काउंटर करना है। इसके सदस्यों में चीन, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, रूस, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, भारत और पाकिस्तान हैं।