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सीमा पर घटेगा तनाव, PM मोदी-जिनपिंग ने सेनाओं को जारी किए दिशा-निर्देश

Sun, 29 Apr 2018 03:20 AM IST
एजेंसी, वुहान
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच दो दिवसीय अनौपचारिक शिखर वार्ता में दोकलम जैसी स्थिति से बचने के लिए सीमा पर तनाव घटाने पर सहमति बनी है। इसके तहत दोनों देशों ने संवाद और भरोसा बढ़ाने के लिए अपनी सेनाओं को रणनीतिक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। 

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आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सहयोग करने और अफगानिस्तान में संयुक्त आर्थिक परियोजना शुरू करने का भी फैसला किया गया। पीएम मोदी के सम्मान में लंच का आयोजन भी किया गया। मोदी शनिवार को स्वदेश लौट आए।

जिनपिंग ने कहा कि चीन और भारत आर्थिक वैश्वीकरण की रीढ़ हैं। लिहाजा, दोनों को वैश्विक शांति और विकास में सहयोग करना चाहिए। उन्हें अच्छे पड़ोसी और दोस्त की तरह व्यवहार करना चाहिए। 
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मोदी ने कहा कि भारत-चीन सहयोग से जुड़े कई मुद्दों पर जिनपिंग से बातचीत हुई। हमने आर्थिक संबंधों को गति देने के साथ ही दोनों देशों के व्यक्ति से व्यक्ति संबंधों पर चर्चा की। 

विदेश सचिव विजय गोखले ने कहा कि दोनों शीर्ष नेताओं ने भारत-चीन सीमा के सभी क्षेत्रों में शांति और सद्भाव बरकरार रखने पर जोर दिया। अफगानिस्तान में संयुक्त आर्थिक परियोजना पर सहमति बनी है। अब दोनों पक्षों के अधिकारी अगले दौर की बातचीत में तय करेंगे कि यह परियोजना अफगानिस्तान में किस जगह और कैसी होगी। 

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सूचनाएं साझा करने का तंत्र मजबूत करेंगी सेना 

- फोटो : PTI
गोखले ने बताया, ‘मोदी-जिनपिंग ने सीमा विवाद प्रबंधन को प्रभावी बनाने और सीमा क्षेत्रों में अप्रिय हालात से बचने के लिए दिशा-निर्देश भी जारी किए।’ दोनों नेताओं ने विश्वास बहाली के लिए अपनी सेनाओं को साझा व बराबरी की सुरक्षा के सिद्धांत, सीमा क्षेत्रों में टकराव टालने के लिए मौजूदा संस्थागत तंत्र व सूचनाएं साझा करने के तंत्र को मजबूत करने जैसे मानकों को लागू करने के निर्देश दिए।

मसूद अजहर पर नहीं हुई कोई बात
गोखले के मुताबिक, मोदी-जिनपिंग ने माना कि दोनों देशों के क्षेत्रीय व वैश्विक हित एक-दूसरे से जुड़े हैं। मजबूत रणनीतिक संवाद से संबंध मजबूत होंगे और दोनों देश क्षेत्रीय व वैश्विक स्थायित्व में सहयोग कर पाएंगे।

दोनों पक्षों ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई। हालांकि, दोनों ओर से जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर पर सीधे कोई बात नहीं हुई। गौरतलब है कि चीन संयुक्त राष्ट्र में मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित किए जाने पर बार-बार अड़ंगा डाल रहा है।

कारोबार संतुलन पर रहा मोदी का जोर
मोदी-जिनपिंग ने अनौपचारिक बातचीत में माना कि दोनों देशों के बीच संतुलित और दीर्घकालिक कारोबार होना चाहिए। इस दौरान मोदी ने कारोबार में संतुलन पर जोर दिया। उन्होंने जिनपिंग को भारत से चीन को कृषि उत्पादों व दवाइयों के निर्यात की संभावनाओं के बारे में बताया। दोनों के बीच पर्यावरणीय बदलावों, दीर्घकालिक विकास और खाद्य सुरक्षा पर भी बात हुई।
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