चीन की कम्युनिस्ट पार्टी कांग्रेस बुधवार से कड़े नियम बना सकती है जिसका मकसद व्यापारियों और पत्रकारों समेत समाज के कई वर्गों को देशभक्ति के प्रदर्शन के लिए मजबूर करना होगा। कयास लगाए जा रहे हैं कि चीन में देशभक्ति को मापने का लिटमस टेस्ट होगा।
पढ़ें: जानिए चीन में क्यों है बोलने पर पाबंदी, क्या हैं नियम
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक सरकार यह जानना चाहती है कि कौन देशभक्त है और कौन नहीं?पार्टी की सेंट्रल कमेटी और सरकार की राज्य परिषद ने हालही में व्यापारियों के लिए कुछ गाइडलाइन जारी कर कहा था कि वो देशभक्ति के साथ ही अपना काम करें।
पढ़ें: शी जिनपिंग बन सकते हैं कम्युनिस्ट पार्टी के मेंटर
विश्लेषकों का मानना है कि सत्ता में दोबारा आने वाली पार्टी सरकार की इकोनॉमिक रिफॉर्म पॉलिसी को भी व्यवस्थित करेगी। इस बात की भी संभावना है कि सरकार गैर-सरकारी बिजनेस को बढ़ावा देगी और सरकारी कंपनियों की भूमिका में कमी लायेगी।