चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स के रिपोर्ट के मुताबिक वहां के धार्मिक मामलों के मंत्रालय ने चीन कम्युनिस्ट पार्टी के नेताओं को धर्म छोड़ने और मार्क्सवादी होने की सलाह दी है। रिपोर्ट में नेताओं और पार्टी से जुड़े लोगों को सख्त सलाह देते हुए कहा गया कि धर्म और सजा में किसी एक को चुनना होगा।
पार्टी की फ्लैगशिप मैगजीन ने अपने ताजा संस्करण में 'डायरेक्टर ऑफ द स्टेट एडमिनिस्ट्रेशन फॉर रिलीजियस' के वांग जुआन के हवाले से लिखा कि पार्टी के सदस्यों को किसी भी धर्म का पालन नहीं करना चाहिए। पार्टी ने लोगों को धार्मिक आजादी देकर अपनी सहनशीलता को दिखाया लेकिन ये आजादी पार्टी के 90 मिलियन से ज्यादा सदस्य के लिए नहीं है।
रिपोर्ट में कहा गया कि पार्टी पहले भी ऐसे लोगों को निष्काशित करने की मांग करती रही है जो धार्मिक आस्थाओं का पालन करते हैं। पार्टी सदस्यों को हर हाल में मार्क्सवादी नास्तिक होना चाहिए। अगर वो ऐस करते हैं तो उन्होंने पार्टी के सख्त नियमों का सामना करने के लिए लिए तैयार रहना चाहिए। पार्टी के किसी भी सदस्यों को धार्मिक आजादी नहीं है।
वहीं, चाईनीज पीपुल्स पॉलिटिकल कांसुलेटिव कॉन्फ्रेंस में एथिक एंड रिलीजियस कमिटी के चेयरमैन झू विक्यून ने इस मामले में कहा कि कुछ लोगों का कहना है कि पार्टी के बुद्धिजीवी लोग पार्टी में धार्मिक मान्यताओं को बढ़ावा दे रहे हैं। ऐसा करना पार्टी के लिए काफी नुकसानदायक हो सकता है।
वहीं, वांग ने कहा कि विदेशी ताकते चीन में घुसपैठ करने के लिए धर्म का इस्तेमाल कर रही है। जो कि देश की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है। बता दें कि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी आधिकारिक तौर पर किसी भी धर्म का पालन नहीं करती लेकिन देश में लोगों को अपनी धार्मिक मान्यताओं का पालन करने की आजादी है।