चीन के सरकारी अखबार ने अपनी बौखलाहट निकालते हुए कहा कि अब दक्षिण एशियाई देशों में संप्रभुता के लिए आवाज उठाने लगी हैं। इतना ही नहीं अब सभी छोटे एशियाई देश खुद को भारत के प्रभाव से दूर करना चाहते हैं।
भारत ने पश्चिमी देशों के राजनीतिक तौर-तरीके अपनाना शुरू कर दिया है जिसकी मदद से वह पड़ोसी देशों पर दबाव बना रहा है। उसने अपनी पुरानी खीज निकालते हुए कहा कि जब मालदीव ने फ्री-ट्रेड एग्रीमेंट और वन बेल्ट वन रोड योजना में चीन से हाथ मिलाया था उस वक्त भी भारत ने इसका विरोध किया था।
मालदीव के हर घटनाक्रम पर है चीन की नजर
चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि मालदीव की हर घटना पर बीजिंग अपनी पैनी नजर बनाए हुए है। मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने कहा, हमें उम्मीद है कि संबंधित पक्ष आपसी वार्ता और संपर्क से मतभेदों को हल कर लेंगे। प्रवक्ता ने कहा कि हम यह भी चाहते हैं कि मालदीव अपने देश में चीनी लोगों, संस्थानों और परियोजनाओं को सुरक्षित बनाने के तत्काल उपाय करे।