भारत-चीन संबंधों पर डोकलाम का असर, नहीं हुई बॉर्डर पर्सनल मीटिंग

Home›   China›   Indian and Chinese armies skip traditional meet after Doklam conflict

टीम डिजिटल, अमर उजाला

Indian and Chinese armies skip traditional meet after Doklam conflict

भारतीय और चीनी सेना डोकलाम के भूटानी क्षेत्र में कूटनीतिक विमर्श के बाद एक दूसरे का विरोध कम कर सकती है। आपको बता दें कि दोनों ही सेनाओं ने चीन के 68वें नेशनल डे पर हर साल होने वाली पारंपरिक बॉर्डर पर्सनल मीटिंग में हिस्सा नहीं लिया था। यह मीटिंग पांच नामित स्थानों पर होने वाली थी।  पढ़ें: किम जोंग पर भड़के ट्रंप, बोले- 'नॉर्थ कोरिया से बातचीत समय की बर्बादी' सूत्रों के मुताबिक रविवार को पीपल्स लिबरेशन आर्मी ने औपचारिक मीटिंग का न्यौता नहीं दिया था सूत्रों से यह भी जानकारी मिली कि इस महीने चीन में भारतीय सेना और पीएलए के बीच होने वाली हैंड इन हैंड एक्सरसाइज भी नहीं हुई। अब इस साल इसके होने की संभावना नहीं है।  दोनों सेनाओं ने सिक्कम-भूटान-तिब्बत ट्राइजंक्शन पर सेना का लेवल बढ़ा दिया है। यह डोकलाम विवाद के बाद दोनों देशों की सेनाओं के पीछे हटने के बाद लिया गया फैसला है।आपको बता दें कि चीन में शी जिनपिंग दूसरी बार राष्ट्रपति बन सकते हैं। पढ़ें: चीन ने तिब्बत में खोला 409 km नया राजमार्ग, अरुणाचल प्रदेश तक पहुंचेगा उसके बाद देखना होगा कि आगे की रणनीति में क्या बदलाव आता है। आपको बता दें कि हर साल 7 से 8 समारोह ऐसे होते हैं जिनमें दोनों देशों की सेनाएं अलग अलग BPM प्वांइट्स पर मिलती हैं, जिसमें भाषण, सांस्कृतिक प्रदर्शन और गिफ्टों का आदान-प्रदान होता है। लेकिन चीन ने हैंड टू हैंड एक्सरसाइज को नजरअंदाज करके नए सवाल खड़े कर दिये हैं।  
Share this article
Tags: china , doklam , indian army ,

Most Popular

Bigg Boss 11: घर से OUT होने के फैसले से हितेन हैरान, इंटरव्यू में कईं चौंकाने वाले खुलासे

LIVE: गुजरात-हिमाचल में भाजपा बहुमत की ओर, दोनों जगह पहली जीत पार्टी के खाते में

एक्स ब्वॉयफ्रेंड ने देखी अनुष्‍का की हनीमून फोटो, फिर तुरंत दिया कुछ ऐसा रिएक्‍शन

विराट-अनुष्का की शादी में एक मेहमान का खर्च था 1 करोड़, पूरी शादी का खर्च सुन दिमाग हिल जाएगा

अनुष्‍का-विराट की हनीमून फोटो पर 1 घंटे में 9 लाख से ज्यादा लाइक, तेजी से हो रही वायरल

रायन के माली ने खोला बहुत बड़ा राज, हत्या के वक्त आसपास भी नहीं था बस कंडक्टर