एनएसजी की सदस्यता हासिल करने में भारत के करीब पहुंचने के बाद चीन ने कहा है कि भारत के एनएसजी में शामिल होने के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच न्यूक्लियर बैलेंस टूट जाएगा। चीनी अखबार ग्लोबल टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक एनएसजी में भारत के शामिल होने पर दक्षिण एशिया में सामरिक संतुलन बिगड़ जाएगा।
बावजूद इसके चीन एनएसजी में सदस्यता के लिए भारत का सहयोग करेगा अगर वो नियमों के अनुसार आता है। अखबार में लिखे लेख के अनुसार एनएसजी में सदस्यता हासिल करने के बाद भारत की विश्व में न्यूक्लियर पावर के तौर पर अलग धाक बन जाएगी। इसी अखबार में 14 जून को छपे लेख में कहा गया था कि भारत की एनएसजी में सदस्यता से जहां चीन के हितों का नुकसान होगा, वहीं पाकिस्तान पर भी इसका असर देखा जा सकेगा।
चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स में लिखा है कि एनएसजी में सदस्यता से भारत आसानी से न्यूक्लियर टेक्नॉलोजी को आयात कर सकेगा और अपनी न्यूक्लियर टेक्नॉलोजी को सैनिक गतिविधियों के लिए बचाकर कर सकेगा। भारत का एनएसजी की सदस्यता हासिल करना मुख्यता इस्लामाबाद से न्यूक्लियर टेक्नॉलोजी में आगे निकलना है और जैसे ही नई दिल्ली उसमें कामयाब होता है न्यूक्लियर पावर को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच सामरिक संतुलन बिगड़ेगा।