चीन के मीडिया ने एक बार फिर नया शिगूफा छोड़ दिया है। भारत की तरफ से न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप में शामिल होने की कोशिशों के बीच चीनी मीडिया ने कहा कि भारत-पाकिस्तान को साथ-साथ एनएसजी में सदस्यता के लिए प्रयास करना चाहिए ना कि सिर्फ नई दिल्ली को अकेले ही इसके लिए प्रयास करना चाहिए। एक दिन पहले ही बीजिंग ने न्यूक्लियर ट्रेडिंग क्लब में भारत के शामिल होने के खिलाफ आवाज उठाई थी।
आपको बताते चले कि चीन पहले भी भारत के एनएसजी देशों के समूह में शामिल होने के खिलाफ आवाज उठाता रहा है। चीन का कहना है कि भारत नॉन-प्रॉफिलरेशन ट्रीटी(एनपीटी) में शामिल हुए बगैर एनएसएजी देशों की सदस्यता नहीं ले सकता है। चीन के सियोल में होने वाली दो दिवसीय वार्षिक बैठक में यह बैठक उठ सकता है। इस बैठक में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे। बैठक के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात प्रस्तावित है। यह बैठक 23-24 जून को हो सकती है।
वहीं चीन के विदेशी मंत्रालय के प्रवक्ता हुवा चुनयिंग ने कहा कि सियोल में होने वाली बैठक में इस तरह के किसी भी मुद्दे पर चर्चा नहीं होगी। हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक अन्य देशों के डिप्लोमेट ने एनएसजी में भारत की सदस्यता और योग्यता का मुद्दा उठाएंगे।