पूर्वोत्तर राज्य सिक्किम के डोकलाम में भारत और चीन के बीच तनातनी कायम है। बीते करीब छह हफ्तों से दोनों देशों के बीच सीमा विवाद बना हुआ है। दोनों ही देशों ने सीमा पर अपनी फौज बढ़ा दी हैं। चीन की सरकारी मीडिया शिन्हुआ के मुताबिक भारत जब तक अपनी सेना को वापस नहीं बुलाता तब तक समझौते की कोई गुंजाइश ही संभव नहीं है।
डोकलाम ऐसी जगह है जिसे लेकर चीन और भूटान के बीच भी विवाद रहता है। चीन की सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने जानकारों के हवाले से लिखा है कि भारत बॉर्डर पर विवाद को भड़काने के लिए भूटान का इस्तेमाल कर रहा है। चाइनीज एकेडमी ऑफ सोशल साइंसेस के शोधकर्ता झांग योंगपान ने ग्लोबल टाइम्स को बताया, ''इस जगह को लेकर जो समझौता था, उसे कानूनन तोड़ा नहीं जा सकता। फिर चाहे आप ऐतिहासिक दस्तावेजों की बात कीजिए या फिर वास्तविकता की। डोकलाम के चीन से ताल्लुक होने को लेकर कोई तर्क नहीं है।''
झांग कहते हैं, ''भारत भूटान को आगे रखने की कोशिश कर रहा है। लेकिन असलियत में चीन और भूटान के बीच अच्छे संबंध हैं।'' चीन और भूटान के बीच बॉर्डर को लेकर 1984 से बातचीत हो रही है। झांग कहते हैं, डोकलाम क्षेत्र के पास चीन के तेजी से विकसित किए गए बुनियादी ढांचे को लेकर भारत चिंतित है।