पश्चिम के देशों ने चीन के बारे में कई मिथ गढ़े हैं। चीन के बारे में मिथों को भारत समेत कई देशों ने बिना कोई चुनौती दिए स्वीकार कर लिया है। यह मिथ पैदा किया गया है कि एशिया में चीन सदियों से ताक़तवर रहा है और वह फिर से हासिल कर रहा है। चीन एक साथ दो काम करता है।वह भौगोलिक रूप से अपना आक्रामक विस्तार कर रहा है तो दूसरी तरफ़ ख़ुद को पीड़ित भी बताता है।डोकलाम में उसने ऐसा ही किया।
वह कह रहा था कि भारत ने उसके इलाक़े में घुसपैठ किया है। वह ख़ुद के बारे में बताने की कोशिश करता है कि वह अतीत में इतना बड़ा था और उसे हासिल करने की कोशिश कर रहा है।यह सवाल कभी नहीं पूछा जाता है कि चीन पर भारत कब हावी रहा है। सभ्यता की गहराई, जनसांख्यिकी और भूगोल के मामले में एशिया से के दूसरे बड़े देश भारत की तुलना अक्सर चीन से की जाती है।
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क्या चीन कभी भी भारत पर राजनीतिक रूप से, आर्थिक रूप से और सैन्य रूप से हावी रहा है? अगर ऐसा नहीं है तो चीन फिर एशिया में शक्तिशाली कैसे है? चीन के मुक़ाबले एशिया के ज़्यादातर हिस्सों में भारत का प्रभाव ज़्यादा रहा है। इसके बावजूद पश्चिमी देश भारत को लंबे समय तक एशिया में उपेक्षा करते रहे। पश्चिम के देशों तो लगता है कि एशिया जापान से म्यांमार तक ही है। इन्हें लगता है कि मंगोलियाई नाक-नक्श वाले ही एशियाई हैं।
एशिया-प्रशांत इकनॉमिक कॉर्पोरेशन की स्थापना 1989 में की गई। दावा किया गया कि यह एशिया का प्रतिनिधित्व करता है, लेकिन इससे भारत को अलग रखा गया। भारत 2008 में इसका सदस्य बना। अगर आप भारत को अलग कर देते हैं तो चीन एशिया का शक्तिशाली देश स्वाभाविक रूप से बन जाता है। सभ्यता और संस्कृति के लिहाज से देखें तो चीन का भारत में कोई प्रभाव नहीं है। दूसरी तरफ़ सांस्कृतिक रूप से भारत का प्रभाव चीन में काफ़ी ताक़तवर है। चीन में बौद्ध का प्रभाव जबर्दस्त है।
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पश्चिम के देशों ने हिन्दुस्तान को एशिया में उपेक्षित रखा। म्यांमार, इंडोनेशिया, थाईलैंड, वियतनाम, कंबोडिया, जापान समेत कई एशियाई देशों में भारत की प्राचीन संस्कृति का जबर्दस्त प्रभाव है। इन देशों में चीन का लंबे समय तक नामोनिशान नहीं रहा है। इन देशों की संस्कृतियों और कलाओं पर चीन का कोई असर नहीं है। थाइलैंड की पुरानी राजधानी का नाम ही अयोध्या था। इंडोनेशिया और थाईलैंड में तो बौद्ध के साथ हिन्दू संस्कृति का भी काफ़ी प्रभाव है। चीन आर्थिक शक्ति है लेकिन सभ्यता और संस्कृति का प्रभाव होने में लबा वक़्त लगता है।