आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंधित सूची में शामिल कराने की भारत की कोशिशों पर हर बार अड़ंगा लगाने वाले चीन को अब उसके पूर्व राजनयिक ने सलाह दी है। भारत में चीनी राजनयिक रहे माओ सिवेई ने कहा कि अब चीन को मसूद अजहर पर अपने रुख को बदलना चाहिए।
मसूद एक आतंकी है और उसको संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंधित सूची में शामिल कराने की भारत की कोशिशों में बार-बार चीन को अड़ंगा नहीं लगाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चीन को अवसर का फायदा उठाते हुए मसूद को प्रतिबंधित करने की भारत की कोशिशों का समर्थन करना चाहिए।
माओ ने मसूद को लेकर भारत और चीन के बीच उपजे गतिरोध को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘वीचैट’ पर लंबा-चौड़ा ब्लॉग लिखा है। इसमें उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि पठानकोट आतंकी हमले के मास्टरमाइंड मसूद के खिलाफ भारत की शिकायत का चीन को फायदा उठाना चाहिए और दोनों देशों के बीच निष्क्रिय कूटनीतिक स्थिति को खत्म करना चाहिए।