सिक्किम-भूटान-तिब्बत ट्राई जंक्शन के डोकालाम इलाके को लेकर उठा विवाद थम नहीं रहा है। चीन ने अब इस इलाके पर अपना हक जमाने के लिए एक और दलील दी है. उसने अपने इतिहास का हवाला देते हुए कहा है कि इस इलाके को तिब्बती पारंपरिक चाराग्रह के लिए इस्तेमाल करते आए हैं।
चीन के विदेश प्रवक्ता लू कांग ने भूटान के दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लंबे समय से भूटान के लोग इस इलाके में मवेशी चराने के लिए इजाजत लेते रहे हैं। चीन इसी ऐतिहासिक दलील का अब इस्तेमाल कर रहा हो।
माना जाता है कि चीन हर बार इस दलील को उठा देता है, फिर चाहे वो अरुणाचल, जापान या साउथ चाईना सी का सीमा विवाद क्यों न हो। दरअसल, चीनी सेना ने डोकलाम में सड़क निर्माण का काम करना शुरू कर दिया, लेकिन इस पर भूटान ने आपत्ति जताई। इस बीच भारत ने भी चीन के इस कदम का कहीं-न-कहीं विरोध किया।
भारत से नाराज चीन ने भारतीय सेना पर आरोप लगा दिया कि वे रोड बनाने में दिक्कत पैदा कर रहे हैं और इसीलिए चीनी सेना ने भारतीय सेना के बंकर तोड़ दिए। साथ ही चीन ने भारतीयों जवानों पर घुसपैठ का आरोप भी लगाया। इसके जवाब में भारत ने करीब 3000 सैनिक वहां तैनात कर दिए और कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नाथुला रास्ते को बंद कर दिया है।