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भारतीय ज्यादा आलसी, चीन के साथ ही रहना चाहता है तिब्बत: दलाई लामा

Fri, 24 Nov 2017 12:22 PM IST
टीम डिजिटल अमर उजाला
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तिब्बत के आध्यात्मिक नेता दलाई लामा ने गुरुवार को कहा कि तिब्बत चीन से आजादी नहीं चाहता, लेकिन बेहतर विकास की मांग जरूर करता है। दलाई लामा ने इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स के कार्यक्रम में कहा, हम चीन के साथ ही रहना चाहते हैं और बदलाव की अपेक्षा करते हैं।'
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उन्होंने कहा कि तिब्बत की अपनी अलग संस्कृति है और जैसे चीनी लोग अपने देश को प्यार करते हैं, वैसे ही हम अपने राष्ट्र को चाहते हैं। वहीं तिब्बत की अहिमयत गिनवाते हुए दलाई ने कहा कि यहां से कई नदियां निकलती हैं, जिनकी मदद से करोड़ों लोग जीवन जी रहे हैं, ऐसे में तिब्बत का महत्व को समझा जा सकता है।

वहीं चीन के साथ खराब हुए अपने रिश्तों का ठीकरा दलाई ने नेताओं पर फोड़ दिया और कहा कि परेशानियां तब बढ़ जाती है, जब कुछ नेता चीजों को बदलने में लग जाते हैं। भारत में आकर यहां की संस्कृति की तारीफ करने वाले दलाई लामा ने भारतीयों के लिए भी तीखी बातें बोली।
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पढ़ें: डोकलाम विवाद पर बोले दलाई लामा, कहा- दोस्त बनकर भारत-चीन कर सकते हैं अच्छा काम

उन्होंने कहा कि भारतीय ज्यादा आलसी होते हैं, शायद इसकी वजह यहां का मौसम हो सकता है, लेकिन भारत एक उभरती अर्थव्यवस्था है, जो विश्व में अहम भूमिका निभा सकता है। भारत को शिक्षा पर जोर देना चाहिए, क्योंकि 21वीं शताब्दी में शांति के लिए इसकी सख्त जरूरत है।

वहीं धर्म के नाम पर की जा रही राजनीति को भी उन्होंने आड़े हाथ लिया और कहा कि राजनेता इसका गलत इस्तेमाल करते हैं और लोगों को बांटते हैं।

बता दें कि हाल ही में दलाई लामा ने अरुणाचल प्रदेश यात्री की थी और यहां आकर भारत की तारीफों के पुल बांधे थे। चीन के खिलाफ अक्सर बोलने वाले दलाई लामा ने चीनी दबाव की आलोचना भी की। दलाई लामा की अरुणाचल प्रदेश यात्रा से भारत और चीन के रिश्तों में दरार भी पड़ गई थी, क्योंकि चीन ने साफ तौर पर कहा कि आध्यात्मिक नेता का दौरे का परिणाम ठीक नहीं होगा।
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