सिक्किम सेक्टर के डोकलाम क्षेत्र में जारी सैन्य गतिरोध के बीच चीन के सरकारी समाचार पत्र ने कहा कि चीनी सेना की पश्चिमी कमांड ने इलाके में एक और युद्धाभ्यास किया है।
इस नये इलाके में तिब्बत, शिन्झियांग, निंग्शिया, किंघाई, सिचुआन और चोंगकिंग प्रांत शामिल हैं। इस दौरान भारत को धमकाने के लिए भारी मात्रा में जंगी हथियारों का उपयोग किया गया, जिसमें विशेष बल, आर्मी एविएशन और सशस्त्र सैनिकों ने भाग लिया। युद्धाभ्यास में चीन ने टैंक, हेलीकाप्टर, लड़ाकू विमानों और मिसाइलों का इस्तेमाल भी किया गया।
चीन की कम्युनिस्ट सरकार के मुखपत्र ‘ग्लोबल टाइम्स’ के मुताबिक इस युद्धाभ्यास में टैंकों ने टारगेट पर हमला करने तथा आसमान पर उड़ते जंगी जहाजों पर बम बरसाए।
इसका मकसद रात के वक्त जमीन पर युद्ध लड़ने का अभ्यास करना था। अखबार के मुताबिक चीन की सेंट्रल टीवी रिपोर्ट में जो वीडियो फुटेज दिखाए गए, उसमें चीनी सेना (पीएलए) को पहाड़ों पर टैंकों और हेलीकाप्टरों को निशाना बनाकर हमला करते देखा गया है। हालांकि इस रिपोर्ट में युद्धाभ्यास के स्थान का खुलासा न करते हुए सिर्फ यह कहा गया कि वह पठार युद्ध के लिए जमीन तैयार कर रही है।
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ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक चीन के ‘लियांहे जाओबाओ’ अखबार ने भी विश्लेषकों के हवाले से कहा है कि पीएलए का युद्धाभ्यास भारत में हमले को निशाना बनाकर किया गया है, क्योंकि भारत और चीन दोनों ही दोकलम इलाके पर पिछले दो माह से अड़े हुए हैं।
इससे पहले जुलाई में भी पीएलए की दो पठारी ब्रिगेडों ने तिब्बती इलाके में लाइव-ड्रिल को अंजाम दिया था। इस युद्धाभ्यास का मकसद चीनी सैन्य टुकड़ियों को अलग-अलग यूनिटों से संयुक्त हमले के लिए सीधे लक्ष्य पर रवाना करना था।