चीन की सरकारी मीडिया ने शुक्रवार को कहा कि परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में भारत की एंट्री का रास्ता अभी बंद नहीं हुआ है। उसने भारत को अपना प्रतिस्पर्धी नहीं, बल्कि साझेदार करार दिया है। बताते चलें कि चीन के विदेश मंत्री वांग यी भारत दौरे पर आने वाले हैं।
न्यूज एजेंसी सिन्हुआ की कमेंट्री में कहा गया कि भारत को दक्षिण चीन सागर पर चीन की चिंताओं को पूरी तरह समझना चाहिए। इसमें कहा गया कि दोनों देश एक दूसरे के साझेदार हैं।
कमेंट्री में कहा गया कि पेइचिंग और नई दिल्ली शीर्ष स्तरीय गहन कूटनीतिक संपर्कों के सीजन में जा रहे हैं जो उनकी साझेदारी को परिभाषित कर सकते हैं, दोनों को अपनी असहमतियों को नियंत्रण में रखने के लिए मिल कर काम करना चाहिए। और सभी से इतर यह रेखांकित किया जाना चाहिए कि भारत ने परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह में अपने प्रवेश पर रोक के लिए चीन पर गलत तौर पर आरोप लगाया है।'
चीन कह रहा है कि समूह 20 को दक्षिण चीन सागर का कोई जिक्र करने से परहेज करना चाहिए और इसका समाधान बाहरी लोगों से नहीं बल्कि सीधे संबंधित पक्ष से होना चाहिए। फिलीपीन के अलावा वियतनाम, मलेशिया, ब्रुनेई और ताइवान भी दक्षिण चीन सागर क्षेत्र पर अपना दावा पेश कर रहे हैं। जहां मोदी समूह 20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने वाले हैं, चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग अक्तूबर में गोवा में होने वाले ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने वाले हैं।