भारत-चीन विवाद को लेकर चीनी मीडिया ने एक बार फिर हस्तक्षेप किया। चीनी मीडिया का आरोप है कि भारत सीमा पर आज से बल्कि 1962 से लगातार अतिक्रमण करता रहा है। चीन के एक अखबार द पीपुल्स डेली की खबर का हवाला देते हुए चीनी मीडिया ने भारत पर आरोप लगाया कि 1962 की लड़ाई के पीछे भी भारत का ही हाथ रहा है।
उनका दावा है कि 21 सितंबर 1962 को भी भारतीय सैनिकों ने भारत-चीन सीमा पर अतिक्रमण करने का प्रयास किया और चीनी सैनिकों पर गोलीबारी की जिसके बाद युद्घ की स्थिति पैदा हुई। चीनी मीडिया ने आरोप लगाया कि सिक्किम के डोकलाम क्षेत्र में भी सबसे पहले भारतीय सैनिकों ने अतिक्रमण का प्रयास किया और चीनी सैनिकों पर गोलीबारी की।
ड्रैगन का प्लान : 10 लाख सैनिकों की छंटनी कर नौसेना, मिसाइल बल व अन्य सेवाओं में संख्या बढ़ाएगा
दुनिया की सबसे बड़ी सेना वाले देश चीन ने एक बड़ा फैसला लेकर सबको चौंका दिया है। पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के 23 लाख सैनिकों की क्षमता वाला चीन, सेना पुनर्गठन प्रक्रिया के तहत अब यह संख्या 10 लाख से भी कम करने जा रहा है। चीनी सेना के आधिकारिक समाचार पत्र ‘पीएलए डेली’ के मुताबिक वह नौसेना तथा मिसाइल बल समेत अन्य सेवाओं की तादाद में बढ़ोतरी करेगा। चीनी सेना के इतिहास की यह सबसे बड़ी छंटनी होगी।
‘पीएलए डेली’ के मुताबिक इतने बड़े स्तर पर होने वाली यह छंटनी सिर्फ सेना के पुनर्गठन और सेना व अन्य सेवाओं के बीच आनुपातिक संतुलन का हिस्सा है जिसके तहत नौसेना और मिसाइल बल समेत अन्य सेवाओं की संख्या बढ़ाई जाएगी।
चीनी सोशल साइट ‘वीचैट’ पर अखबार के अकाउंट जुन झोंगपिंग स्टूडियो पर प्रकाशित होने वाले ढांचागत सुधार संबंधी लेख में कहा गया है कि - ‘इसके बाद पीएलए को विशाल सैन्य क्षमता वाले पुराने ढांचे के स्वरूप में बदला जाएगा। यह सुधार चीन के रणनीतिक लक्ष्यों व सुरक्षा जरूरतों पर आधारित होगा।’ रिपोर्ट के मुताबिक ‘अब तक पीएलए का फोकस जमीनी युद्ध पर केंद्रित था, लेकिन अब इस लक्ष्य में बदलाव आएंगे।’
रिपोर्ट के मुताबिक पीएलए द्वारा नौसेना, रणनीतिक बल और रॉकेट सुरक्षा बल में सैनिकों की संख्या बढ़ाई जाएगी, जबकि वायुसैनिकों की संख्या में कोई बदलाव नहीं होगा। चीनी रक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक 2013 में पीएलए सेना में करीब 8.5 लाख जंगी सैनिक थे।
हालांकि चीन की पीएलए सेना ने अपने सैनिकों की अधिकृत तादाद नहीं बताई है। इससे पहले, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने घोषणा की थी कि पीएलए करीब तीन लाख सैनिकों की छंटनी करेगा। जबकि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के सरकारी अखबार ‘ग्लोबल टाइम्स’ के मुताबिक राष्ट्रपति की इस घोषणा से पहले चीन की सेना में 23 लाख सैनिक थे।