चीन के वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि उत्तर कोरिया की अंडरग्राउंड न्यूक्लियर टेस्ट साइट एक धमाके में बुरी तरह से धवस्त हो चुकी है। दावा है कि यह वही साइट है जहां उत्तर कोरिया ने 6 में से पांच बड़े न्यूक्लियर टेस्ट किए थे। जिनमें पिछले साल सिंतबर में हुए टेस्ट की वजह से चीन की सीमा पर भूकंप के झटके भी महसूस किए गए थे। हालांकि उत्तर कोरिया ने दावा किया था कि उन्होंने हाइड्रोजन बॉम्ब का टेस्ट किया था।
बता दें कि उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने हाल ही में एक बड़ा ऐलान किया है। तानाशाह ने कहा कि उत्तर कोरिया को अब और परमाणु मिसाइलों के परीक्षण करने की जरूरत नहीं है। किम ने घोषणा की कि माउंट मंताप स्थित पंग्ये-री न्यूक्लीयर टेस्ट साइट और इंटरकॉन्टिनेंटल मिसाइल टेस्ट पर रोक लगा दी गई है।
टेस्ट करने लायक नहीं रही साइट
वैज्ञानिकों का दावा है कि उत्तर कोरिया की न्यूक्लियर साइट अब किसी भी तरह के टेस्ट के लिए प्रयाप्त नहीं है। इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि इस साइट से रेडियोएक्टिव पदार्थ के लीक होने का भी खतरा बना हुआ है। ऐसे में मिसाइल परीक्षण से किनारा करने की बात सनकी तानाशाह की मजबूरी भी कही जा रही है।
ट्रंप-किम मुलाकात के लिए हो रही गुप्त वार्ता
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और किम जोंग की शिखर वार्ता के लिए अमेरिका और उत्तर कोरिया गुप्त रूप से सीधे बातचीत कर रहे हैं। इससे साफ है कि इस बहु प्रतीक्षित मुलाकात की योजना आगे बढ़ रही है।अधिकारियों का कहना है कि अमेरिका की सेंट्रल इंटेलीजेंस एजेंसी के निदेशक माइक पोंपियो और सीआईए का एक दल गुप्तचर सेवा के पिछले दरवाजे से सम्मेलन की तैयारी कर रहा है।
दावा है कि दोनों देशों के खुफिया अधिकारियों ने कई बार आपस में बातचीत की और किसी तीसरे देश में मुलाकात भी की है। बताया जा रहा है कि शिखर वार्ता से पहले गुप्त वार्ता में पोंपियो और उत्तर कोरिया में उनके समकक्ष मुलाकात की पृष्ठभूमि तैयार की जा रही है।