डोनाल्ड ट्रंप ने अभी अमेरिकी राष्ट्रपति का पद संभाला भी नहीं है,लेकिन उनकी चुनौतियां शुरू हो गई हैं। इन्हीं चुनौतियों में से एक है चीनी अखबारों की ट्रंप को धमकी। चीनी अखबारों ने अपने संपादकीय में ट्रंप को सीधे-सीधे चेतावनी दी है।
ये जग जाहिर है कि चीनी अखबार वही लिखते हैं जो कि वहां की कम्युनिस्ट सरकार लिखवाना चाहती है। कई बार जो बात सरकार सीधे नहीं कह पाती, वह अपने अखबारों के माध्यम से प्रकाशित करवाती है।
चीन के एक अखबार ने लिखा है, 'अगर अमेरिका की आने वाली सरकार वन-चाइना पॉलिसी को तुरुप के पत्ते की तरह इस्तेमाल करती है, तो पेइचिंग के पास सभ्य और शांत उपायों को छोड़कर किसी भी तरह से इस विवाद को खत्म करने के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचेगा।' वहीं एक अन्य अखबार ने ट्रंप को नौसीखिया बताया है।
अखबार ने लिखा है कि अमेरिका और चीन के बीच तनाव और युद्ध की स्थिति काफी महंगी साबित होगी, लेकिन इसके बावजूद चीन इससे नहीं पीछे हटेगा। ग्लोबल टाइम्स ने लिखा, 'अगले अमेरिकी राष्ट्रपति को ताइवान के खेल की विशेष संवेदनशीलता और इसके गंभीर नतीजों के बारे में अवगत कराने के लिए यह कीमत वाजिब साबित होगी।'