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चीनी अखबारों ने ट्रंप को चेताया, लिखा-महंगा युद्ध होने के बावजूद नहीं हटेंगे पीछे

Mon, 16 Jan 2017 04:10 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
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ट्रंप - फोटो : ANI
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डोनाल्ड ट्रंप ने अभी अमेरिकी राष्ट्रपति का पद संभाला भी नहीं है,लेकिन उनकी चुनौतियां शुरू हो गई हैं। इन्हीं चुनौतियों में से एक है चीनी अखबारों की ट्रंप को धमकी। चीनी अखबारों ने अपने संपादकीय में ट्रंप को सीधे-सीधे चेतावनी दी है।
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ये जग जाहिर है कि चीनी अखबार वही लिखते हैं जो कि वहां की कम्युनिस्ट सरकार लिखवाना चाहती है। कई बार जो बात सरकार सीधे नहीं कह पाती, वह अपने अखबारों के माध्यम से प्रकाशित करवाती है।

चीन के एक अखबार ने लिखा है, 'अगर अमेरिका की आने वाली सरकार वन-चाइना पॉलिसी को तुरुप के पत्ते की तरह इस्तेमाल करती है, तो पेइचिंग के पास सभ्य और शांत उपायों को छोड़कर किसी भी तरह से इस विवाद को खत्म करने के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचेगा।' वहीं एक अन्य अखबार ने ट्रंप को नौसीखिया बताया है।
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अखबार ने लिखा है कि अमेरिका और चीन के बीच तनाव और युद्ध की स्थिति काफी महंगी साबित होगी, लेकिन इसके बावजूद चीन इससे नहीं पीछे हटेगा। ग्लोबल टाइम्स ने लिखा, 'अगले अमेरिकी राष्ट्रपति को ताइवान के खेल की विशेष संवेदनशीलता और इसके गंभीर नतीजों के बारे में अवगत कराने के लिए यह कीमत वाजिब साबित होगी।' 
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अखबार ने लिखा-नौसीखिये की तरह हैं ट्रंप

अखबार ने लिखा है कि 'पहले भी ट्रंप ने हमें नाराज किया है, लेकिन अब हमें उनके ऊपर हंसी आती है। उनके राजनैतिक जीवन में काफी चढ़ाव आया है और वे राष्ट्रपति की जिम्मेदारियों को पूरा करने में अपने आपको काफी काबिल बताते हुए खुदपर पूरा आत्मविश्वास जताते हैं, लेकिन बोलते वह किसी नौसीखिये की तरह हैं।'

मालूम हो कि चीन अपनी 'वन चाइना' नीति के तहत ताइवान को अपना अभिन्न हिस्सा बताता है। ट्रंप ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान चीन पर काफी गर्म और कड़ा रवैया दिखाया। 'वन चाइना' नीति को लेकर भी उन्होंने काफी कुछ कहा है। पिछले हफ्ते ही ट्रंप ने वॉल स्ट्रीट जनरल से बात करते हुए कहा कि वह 'वन चाइना' नीति बातचीत और विमर्श का मुद्दा है।

चाइना डेली ने लिखा है, 'अगर ट्रंप राष्ट्रपति पदभार संभालने के बाद इसे अपनी पहली चाल के तौर पर इस्तेमाल करने का मन बना चुके हैं, तो यह काफी उग्र होगा। अमेरिका और चीन के बीच के रिश्तों को बिगड़ने से नहीं बचाया जा सकेगा। 
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