दुनिया में अक्सर तलाक लेने के समाचार पति या पत्नी के एक-दूसरे से मनमुटाव या शोषण होने की स्थिति में सामने आते हैं। लेकिन चीन में एक पूरे गांव के तलाक लेने के समाचार हैं, लेकिन ऐसा पति-पत्नी के बीच आपसी विवाद के चलते नहीं बल्कि गांव में होने वाले विकास कार्यक्रम के कारण हो रहा है। पूर्वी चीन के जिंग्यासु प्रांत के गांव में शादीशुदा जोड़ों ने सामूहिक तलाक लेने का फैसला किया है।
जिंग्यासु प्रांत में चीनी सरकार ने हाईटेक जोन विकसित करने का प्रस्ताव बनाया है जिसकी जद में यहां का पूरा गांव आ रहा है। विकास की इस बयार में यहां रहने वाले ग्रामीणों के घर जबरदस्ती गिराए जा रहे हैं। जबकि दूसरी तरफ चीन में तलाक लेकर अकेले रहने वाले लोगों को घर मिलने का प्रस्ताव है। इस कारण लोगों ने सोचा कि यदि वे तलाक लेकर अकेले व्यक्ति के रूप में दावा करेंगे तो उन्हें एक घर और मिल सकता है। यही नहीं, बल्कि हर ग्रामीण को कम से कम 19 हजार डॉलर का मुआवजा अलग से मिलेगा।
चीन सरकार के प्रस्ताव के मुताबिक ग्रामीणों ने बताया कि घर गिराए जाने पर एक परिवार को मुआवजे में 220 वर्ग मीटर का घर ही मिलेगा। लेकिन तलाक के बाद बाहर जाने वाले व्यक्ति को 70 वर्ग मीटर का घर और मुआवजा अतिरिक्त रूप से मिलेगा। इसलिए कई ग्रामीणों को लगता है कि इस दोहरे लाभ का पूरा-पूरा लाभ इसी वक्त उठाया जा सकता है इसलिए सामूहिक तलाक से पीछे नहीं हटना चाहिए।