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शी जिनपिंग बोले- जंग के लिए तैयार रहें चीनी सैनिक

Sun, 30 Jul 2017 10:38 PM IST
एजेंसी /बीजिंग
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चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा है उसकी सेना ‘सभी हमलावर दुश्मनों’ को हराने में सक्षम है। चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के 90वें स्थापना दिवस पर परेड का निरीक्षण करते हुए शी जिनपिंग ने उसकी युद्ध तैयारियों पर संतोष जताया और कहा कि उसमें किसी को भी मात देने की क्षमता और साहस है। दोकलम पर भारत के साथ तनातनी को देखते हुए जिनपिंग के इस बयान को गंभीरता से लिया जा रहा है।
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खुली जीप में सैनिक वर्दी पहने जिनपिंग ने मिलिट्री परेड का मुआयना करते हुए कहा कि 23 लाख सैनिकों वाली पीएलए को चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) के एक मात्र नेतृत्व का सख्ती से पालन करना चाहिए और ‘जहां पार्टी कहे वहां मार्च करना चाहिए। शी सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के प्रमुख हैं जिसके पास दुनिया की सबसे बड़ी सेना पीएलए का पूरा नियंत्रण है। 


जिनपिंग के भाषण में दोकलम में भारत और चीनी सैनिकों के बीच एक माह से चल रहे गतिरोध का जिक्र नहीं था। लेकिन उनका बयान ऐसे समय में आया है जब उनके विदेश एवं रक्षा मंत्रालय ने भारत पर दोकलम में अतिक्रमण करने का आरोप लगाया है। चीन का सरकारी मीडिया भी इस मामले को लेकर भारत के खिलाफ आक्रामक अभियान चला रहा है। 
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अंदरुनी मंगोलिया के रेगिस्तानी इलाके में एशिया के सबसे बड़े मिलिट्री ट्रेनिंग सेंटर हुई इस मिलिट्री परेड में 100 फाइटर प्लेन उड़े और 600 तरह के हथियारों की नुमाइश की गई। इनमें कम समय के नोटिस पर दागी जा सकने वाली और परमाणु वारहेड से लैस दोंगफेंग 26 बैलेस्टिक मिसाइल, ‘करियर किलर’ नाम से चर्चित दोंगफेेंग 21 डी मिसाइलें और जमीन से मार करने वाली पोत रोधी बैलेस्टिक मिसाइलें शामिल थीं। चीन के नए जे 20 लड़ाकू विमानों ने परेड में पहली बार हिस्सा लिया।

सेना की वर्दी में दिया भाषण
सेना की वर्दी पहने 64 वर्षीय शी एक खुली जीप में जवानों के सामने से गुजरे। शी ने अपने 10 मिनट के भाषण में कहा, ‘हमारी सेना में चीनी राष्ट्र के कायाकल्प के स्वप्न को साकार करने एवं विश्व शांति की सुरक्षा के लिए एक नया योगदान करने का साहस और क्षमता है।’ इस मिलिट्री परेड का सरकारी टीवी और रेडियो पर सीधा प्रसारण किया गया।

चीनी सेना के इस परेड को सामरिक नजरिये से बेहद अहम माना जा रहा है। ऐसा पहली बार हुआ है, जब जिनपिंग ने सैन्य टुकड़ियों का मुआयना किया है और वह भी सेना की वर्दी पहन कर। 1949 के कम्यूनिस्ट आंदोलन के बाद ऐसा भी पहली बार हुआ है जब 1 अगस्त को मनाए जाने वाले सैन्य दिवस से दो दिन पहले चीन ने अपनी ताकत का इस तरह से प्रदर्शन किया हो।  
 
अमेरिका के बाद सबसे बड़ा मिलिट्री बजट चीन का 
चीनी सेना का बजट 152 अरब डॉलर का है। अमेरिका के बाद यह दूसरा सबसे बड़ा सैन्य बजट है। चीनी सेना की स्थापना 1 अगस्त 1927 को हुई थी। चीनी सेना दुनिया की एक मात्र सेना है जो वहां की सरकार के नहीं बल्कि चीनी कम्यूनिस्ट पार्टी के नेतृत्व में काम करती है। 
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चीनी सेना ने भारत को दी धमकी,कहा- पर्वत हिलाना आसान है, लेकिन हमें नहीं

भारत-चीन
दरअसल, चीन के साथ डोकलाम में उठे सीमा विवाद की वजह से इस बैठक को काफी अहम माना जा रहा था। सूत्रों की माने तो इस बैठक के बाद दोनों देशों के नेताओं के तेवर कुछ नरम पड़ते दिख रहे हैं। चीनी विशेषज्ञों का कहना है कि 1 अगस्त को पिपुल लिब्रेशन पार्टी की अपनी 90वीं वर्षगांठ मना रही है। ऐसे में जिंगपिंग एक बार फिर भारत को सीमा से अपनी सेना वापस बुलाने को कह सकते हैं। 

बता दें कि हाल ही में चीनी सेना ने भारत को धमकी देते हुए कहा था कि पर्वत को हिलाना आसान है, लेकिन हमें नहीं। वहीं चीनी सरकार के मंत्री ने भी ये बात रखी थी कि भारत जब तक डोकलाम से सेना पीछे नहीं हटाता, इस मसले का कोई हल नहीं निकलेगा। 

अपनी दो दिवसीय ब्रिक्स समिट यात्रा पर चीन पहुंचे अजीत डोभाल ने शुक्रवार को ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) देशों से आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई समेत क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के मुद्दों पर नेतृत्व दिखाने को कहा। इस दौरान उन्होंने द्विपक्षीय मुद्दों और बड़ी समस्याओं पर चीन का रुख साफ किया।

उन्होंने ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक में कहा, 'हमें वैश्विक शांति व स्थिरता पर असर डालने वाले सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा करने के लिए ब्रिक्स फोरम का आयोजन करना चाहिए। उभरते हुए देशों के पांच सदस्यीय समूह को आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में नेतृत्व दिखाने की जरूरत है।'
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