फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चीन की दो टूक- हमें हिलाना आसान नहीं, पहले बॉर्डर से भारत हटाए सेना, फिर होगी बात

Mon, 24 Jul 2017 12:53 PM IST
amarujala.com- presented by: मनीष कुमार
विज्ञापन
विज्ञापन
डोकलाम सीमा विवाद पर बौखलाए चीन की सेना और सरकार ने भारत पर अपनी धमकियों का दौर जारी रखा हुआ है। चीनी सेना ने पहले बार भारतीय सेना को धमकी दी है कि अगर वे डोकलाम से पीछे नहीं हटती तो इसका अंजाम बेहद खतरनाक होगा।
विज्ञापन


चीन रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि ये हमारी पहली मांग है कि भारत डोकलाम से पहले अपनी सेना हटाए, क्योंकि हल उसी के बाद निकल पाएगा। चीन की बौखलाहट इस कदर बढ़ चुकी है कि उनके प्रवक्ता ने उसे साफ तौर पर जारी कर दिया।

उन्होंने मीडिया के सामने कहा कि पर्वत को हिला देना आसान होगा, पर चीन की पिपुल लिब्रेशन आर्मी को हिलाना आसान नहीं है। प्रवक्ता ने  कहा कि बॉर्डर की शांति पर ही पूरे राष्ट्र की शांति टिकी हुई है।
विज्ञापन

  It's our pre-condition & basis for solving situation.Peace of entire region depends on peace of border region: China's Defence Ministry Spox pic.twitter.com/VizLQiM1AJ — ANI (@ANI_news) July 24, 2017


सूत्रों के मुताबिक चीनी सेना ने भारतीय सेना को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कदम पीछे नहीं हटाए गए तो वे सीमा पर सेना और बढ़ा देंगे। उनका कहना है कि वे हर हाल में अपने देश की संप्रभुता की रक्षा करेंगे, चाहे फिर उसका अंजाम जो भी हो।

बता दें कि चीन के साथ चल रहे सीमा विवाद को लेकर उठीं सरगरमियां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी गूंजने लगी है। अमेरिका के पेंटागन ने भारत और चीन को सलाह दी है कि वे सीधी वार्ता करके इस मसले को सुलझाने की कोशिश करें। अमेरिकी रक्षा विभाग के प्रवक्ता गैरी रोस ने कहा कि बॉर्डर पर तनाव खत्म करने के लिए डायरेक्ट डायलॉग को हम बढ़ावा देते हैं। 
विज्ञापन

सुषमा बोलीं- चीन अपनी सेना पीछे हटाएं

- फोटो : ANI
इससे पहले संसद में सुषमा स्वराज ने कहा कि भारत अपनी सीमाओं की रक्षा करने में सक्षम हैं। उन्होंने चीन को साफ तौर पर कहा है कि पहले डोकलाम से उसे सेना हटानी पड़ेगी, तभी भारत अपनी सेना हटाए जाने पर विचार करेगा।

सुषमा स्वराज ने कहा कि सिक्किम-भूटान-तिब्बत ट्राई जंक्शन पर चीन की ओर से हदें पार की जाती हैं, तो ये देश की सुरक्षा पर बड़ा चैलेंज होगा।

चीन की ओर से ओबीओआर गतिविधियों पर भी सुषमा स्वराज ने सदन के सामने सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि जैसे ही पता चला कि OBOR में CPEC को शामिल किया जा रहा है, वैसे ही देश ने विरोध करना शुरू कर दिया।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें