एक चीनी विशेषज्ञ का कहना है कि शी जिनपिंग के दूसरे कार्यकाल में डोकलाम और दक्षिण चीन सागर जैसे मसले पर अपने हितों की रक्षा के लिए चीन अब सख्ती से पेश आएगा। वह ऐसे मसलों को सीधे तरीके से डील करेगा।
प्रमुख चीनी थिंक टैंक ‘चाइना इंस्टिट्यूट्स ऑफ कंटम्पररी इंटरनेशनल रिलेशन’ के उपाध्यक्ष युआन पेंग ने बुधवार को कहा कि पहले हम सोचते थे कि हम मतभेदों को खत्म करने की कोशिश नहीं करेंगे। लेकिन अब हम विवादों का खुले तौर पर सामना करेंगे और इन्हें सीधे तरीके से डील करेंगे।
उन्होंने कहा कि जब बात प्रभुत्व के रक्षा की आएगी तो हम हमेशा मजबूत तरीका ही अपनाएंगे। ‘भारत-प्रशांत’ क्षेत्र को लेकर उन्होंने कहा कि यह अमेरिका द्वारा स्थापित किया गया है।
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हाल ही में संपन्न हुई कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (सीपीसी) की कांग्रेस के फैसलों पर संवाददाताओं से बात करते हुए पेंग ने कहा कि चीन-अमेरिका के संतुलित संबंधों का फायदा उठाना भारत के लिए बुद्धिमानी नहीं है। चतुर भारतीय नेता भी चीन के साथ संबंधों को नजरअंदाज नहीं करेंगे।