चीन ने शनिवार को कहा कि इंटर कनेक्टिविटी को लेकर उसका भारत के साथ कोई बुनियादी विवाद नहीं है। वन बेल्ट एंड वन रोड इनिसिएटिव (बीआरआई) को लेकर बीजिंग नई दिल्ली के साथ बहुत कठोर नहीं है। बीआरआई अरबों डॉलर का प्रोजेक्ट है, जिसे 2013 में सत्ता में आने के बाद शी जिनपिंग ने शुरू किया था। बीआरआई में चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारा भी शामिल है, जो पाकिस्तान कब्जे वाले कश्मीर से होकर गुजरता है, इसलिए भारत को इस पर आपत्ति है।
चीन के उप विदेश मंत्री कांग जुआनयू ने कहा, हम महसूस करते हैं कि चीन और भारत के बीच इंटर कनेक्टिविटी को लेकर कोई विवाद नहीं है। भारतीय पक्ष इस कॉर्पोरेशन से बाहर नहीं है। भारत एशिया इंफ्रास्ट्रक्चर इंवेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) का सदस्य है और इस क्षेत्र का दूसरा सबसे बड़ा हिस्सेदार है।
अगर भारत वन बेल्ट एंड रोड को स्वीकार्य करता है तो ठीक है। चीन इस पर बहुत कठोर नहीं होगा। भारत-चीन सीमा मुद्दे पर कांग ने कहा, दोनो देश सैन्य और सुरक्षा संवाद तंत्र बेहतर बनाएंगे। दोनों देशों के बीच विवाद अस्थाई हैं, लेकिन सहयोग हमेशा के लिए है।