चीन ने वन बेल्ट, वन रोड (ओबीओर) के तहत विदेश में चल रही अपनी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में निवेश के लिए चीनी कंपनियों को प्रोत्साहित करेगी। चीन के मंत्रिमंडल ने इस संबंध में शुक्रवार को निर्णय लिया। हालांकि कंपनियों को एंटरटेनमेंट और रीयल एस्टेट जैसे क्षेत्रों में निवेश पर अंकुश रहेगा।
ओबीओआर का उद्देश्य प्रमुख रूप से चीन और शेष एशिया व यूरोप के बीच सड़क और समुद्री मार्ग के जरिये जोड़ना है। इस परियोजना की घोषणा चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने साल 2013 में की थी।
विश्लेषकों का कहना है कि चीन की इस पहल के पीछे उसकी भू-रणनीतिक महत्वाकांक्षा है। इस परियोजना का एक हिस्सा चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) है, जो चीन के शिंजियांग प्रांत को दक्षिणी पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह से जोड़ेगा।
भारत ने इस गलियारे के एक हिस्से के पाक अधिकृत कश्मीर से गुजरने के कारण परियोजना पर आपत्ति व्यक्त की है।