चीन ने कहा है कि भारतीय सेना को युद्धोन्माद फैलाने वाले बयान देने से बचना चाहिए। यह भारतीय कूटनीति की अपरिपक्वता को दर्शाता है। अगर भारत इसी तरह उकसाने वाला बयान देता रहा तो चीनी सेना उसे मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार है।
चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स के संपादकीय में सेनाध्यक्ष जनरल
बिपिन रावत के उस बयान का हवाला दिया गया है जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत को पश्चिमी सीमा से अपना ध्यान हटाकर उसे उत्तरी सीमा (चीन) पर केंद्रित करना चाहिए और वहां बुनियादी ढांचे के विकास में तेजी लानी चाहिए।
इस पर प्रतिक्रिया जताते हुए अखबार ने कहा है कि लगता है कि भारत दोकलम में मिले सबक को भूल गया है। चीन का मुकाबला करने के लिए भारत को बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। इसलिए बेहतर यही होगा कि वह बीजिंग द्वारा अपनाई गई दोस्ताना नीति पर चलता रहे।