आतंकवाद से लड़ने के विषय पर भारत और चीन की बातचीत होने से पहले ही चीन ने कहा है कि वह आतंकवाद से लड़ने के लिए भारत और पाकिस्तान दोनों देशों के साथ मिलकर काम करना चाहता है। इससे उम्मीद जग रही है कि सीमा पार आतंकवाद से निपटने के मामले में यह भारत का मददगार साबित हो सकता है।
आतंकवाद से लड़ने में भारत की चीन के ज्यादा सहयोग की अपेक्षा को लेकर आई रिपोर्ट पर चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चुनिइंग ने कहा कि आतंक से लड़ने में सहयोग भारत-चीन के संबंधों में अहम भूमिका निभाता है। भारत की अपेक्षा है कि चीन पाकिस्तान को अपने देश में स्थित आतंकी समूहों पर कार्रवाई के लिए दबाव बनाए। हुआ चुनिइंग ने कहा कि उनका देश आतंकवाद से लड़ने के लिए भारत और पाकिस्तान दोनों देशों के साथ संपर्क में रहना चाहता है।
इससे उम्मीद की जा रही है कि पाकिस्तान का करीबी सहयोगी चीन इस बार लश्कर-ए-ताइबा जैसे समूहों को लेकर भारत की चिंता को मुद्दा बना सकता है। आतंकवाद को लेकर भारत की चिंताओं पर उन्होंने कहा कि किसी भी तरह के आतंकवाद के खिलाफ लड़ना प्रत्येक देश की शांति, स्थिरता और सुरक्षा के अनुकूल है। बुधवार की बैठक से पहले नई दिल्ली में भारतीय अधिकारियों ने कहा कि इस बार पाकिस्तान स्थित आतंकियों पर लगाम लगाने के लिए चीन के मदद की मांग की जाएगी।