चीन में होने वाले जी-20 समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहुंचने से पहले चीन के पहले स्टील्थ लड़ाकू विमान (फाइटर) जे-20 की एक तस्वीर सामने आई है। रिपोर्टों के अनुसार, यह तिब्बत के उच्च उचाईं में स्थित दाओचेंग येडिंग एयरपोर्ट पर देखा गया है। बताते चलें कि यह इलाका भारत के अरुणाचल प्रदेश के पूर्व में स्थित है।
चीन ने अपने इस स्टील्थ लड़ाकू विमान को छिपा कर रखा था। हालांकि, अब इसे ट्वीटर और डिफेंस की वेबसाइट (www.abovetopsecret.com और www.alert5.com) पर दिखाया गया है। बताते चलें कि चीन का यह कदम उस घोषणा के बाद आया है, जिसमें भारत ने कहा था कि वह अरुणाचल प्रदेश में अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए ब्रह्मोस मिसाइल की तैनाती कर रहा है।
यह दाओचेंग येडिंग एयरपोर्ट पर खड़ा जे-20 लड़ाकू विमान की तस्वीर कपड़े (तारपेलिन) से ढकी हुई है। यह एयरपोर्ट समुद्र तल से 14000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। इसे दुनिया के सबसे ऊंचे स्थान पर स्थित सिविलयन एयरपोर्ट भी माना जाता है।
रिपोर्ट के अनुसार, इतनी ऊंचाई पर जे-20 लड़ाकू विमान को दिखाने का मकसद यह संदेश देना है कि विमान इतनी ऊंचाई में भी कामयाबी से काम कर सकता है। अमूमन इतनी ऊंचाई पर विमान में ईंधन और गोला बारूद लेने की क्षमता में कमी आ जाती है।
चीन का चेंगदू जे-20 लड़ाकू विमान दो इंजन वाला है और इसके कुछ ऐसे फीचर हैं, जिसकी वजह से यह रेडार की पकड़ में नहीं आता है। इससे यह खुद को पुराने लड़ाकू विमानों से अलग करती है।