1,956 किमी लंबा यह रेल लिंक जो 2006 में शुरू हुआ था
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चीन देश के अन्य हिस्सों से तिब्बत को जोड़ने के लिए दूसरा रेल लिंक बनाएगा। हिमालयी क्षेत्र में कनेक्टिविटी का विस्तार करते हुए चीन भारतीय सीमाओं पास तेजी से सेना को भेजने के रणनीतिक विकल्प भी बढ़ा रहा है।
चीन की राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था और सामाजिक विकास की 13वीं पंचवर्षीय योजना (2016-2020) के मसौदा रूपरेखा के अनुसार, यह रेल लिंक तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र की राजधानी ल्हासा और दक्षिण-पश्चिमी चीन के सिचुआन प्रांत की राजधानी चेंगडू के बीच बनाया जाएगा।
इस मसौदे में विस्तार से जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। मंजूरी के बाद इस साल इस योजना को अमली जामा पहनाया जाना शुरू किया जाएगा। प्रस्तावित नया रेल लिंक क्विंघाई-तिब्बत रेल लाइन के अतिरिक्त होगा। यह रेल लिंक तिब्बत को चीन के अंदरुनी क्षेत्रों से जोड़ता है।
उल्लेखनीय है कि 1,956 किमी लंबा यह रेल लिंक जो 2006 में शुरू हुआ था, विश्व का सबसे ऊंचा और सबसे लंबा पटारी रेलमार्ग है। बाद में तिब्बत के भीतर इसका विस्तार किया गया और अब यह भारतीय सीमा के काफी करीब है। रेलवे के विस्तार के अलावा चीन ने हिमालयी क्षेत्र में पांच हवाईअड्डे का निर्माण भी किया है।