अमेरिका और चीन में एक बार फिर जुबानी जंग हुई है। इस बार तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा को लेकर चीन ने अमेरिका को सुझाव दिया है।
चीनी सरकार द्वारा नियंत्रित समाचार पत्र ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक, चीन ने अमेरिका से कहा है कि दलाई लामा का उन्हें इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। एक वरिष्ठ चीनी अधिकारी का हवाला देते हुए कहा गया है कि अमेरिका दलाई लामा का इस्तेमाल चीन के लिए समस्या पैदा करने के लिए करता है। इससे चीन के साथ उसके संबंधों पर असर पड़ रहा है।
धार्मिक मामलों के सलाहकार झू वीक्यून ने कहा कि साल 1959 में दलाई लामा भारत भाग गए थे। अखबार ने उन्हें हिंसक अलगाववादी कहा है। वहीं, दलाई लामा ने अमेरिकी संसद के विदेश मामलों की समिति से कहा है कि उनका हिंसा में विश्वास नहीं है। वह सिर्फ और सिर्फ तिब्बत की स्वायत्तता चाहते हैं, जिसके लिए शांतिपूर्ण तरीके से काम कर रहे हैं।
अमेरिकी के नवनियुक्ति विदेश मंत्री रेस्क टिलरसन ने कहा कि इस मामले में वह चीनी सरकार और दलाई लामा से बात करेंगे।