पाकिस्तान के अंदरूनी मामलों में चीन के लगातार बढ़ते हस्तक्षेप के पीछे सबसे बड़ा कारण अमेरिका और पाकिस्तान के बीच खराब होते संबंधों को माना जा रहा है। इसी का परिणाम है कि पाक आगे होकर चीन के लिए उसकी राह में आने वाले हर कांटे को हटाकर चीन को उपकृत करना चाहता है। बता दें कि अमेरिका ने पाक को दी जाने वाली दो अरब डॉलर की सुरक्षा सहायता राशि रोक दी है, क्योंकि पाक अपनी जमीन से आतंकियों की पनाहगाह के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
उधर, भारत को वन बेल्ड एंड वन रोड की काट के लिए अमेरिका का साथ मिल गया है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक प्रोजेक्ट अभी बातचीत के स्तर पर और शुरुआती चरण में है। इस हफ्ते के आखिर में होने वाले अमेरिकी दौरे के दौरान ऑस्ट्रेलियाई पीएम मैल्कन टर्नबुल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से इस मुद्दे पर बात करेंगे।
अमेरिकी अधिकारियों ने ऑस्ट्रेलिया फाइनेंस रिव्यू रिपोर्ट के हवाले से बताया कि चारों देश संयुक्त क्षेत्रीय बुनियादी ढांचे की योजना शुरू करना चाहते हैं, जो चीन की अरबों डॉलर महत्वाकांक्षी योजना ओबीओआर जैसी हो। इसका मकसद क्षेत्र में बढ़ते चीन के प्रभाव से निपटना है।