चीन ने बुधवार को कहा कि उसकी महत्वाकांक्षी योजना चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा भारत के खिलाफ नहीं है। इसके साथ ही उसने कहा कि किसी तीसरे देश को इस योजना को प्रभावित या नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए। चीन ने यह टिप्पणी अपनी 50 अरब की परियोजना को अफगानिस्तान तक बढ़ाने की पेशकश के बाद दी है।
चीन, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के विदेश मंत्रियों के बीच मंगलवार को पहली त्रिपक्षीय मुलाकात बीजिंग में हुई थी। इस मुलाकात में तीनों देशों ने आतंक-रोधी सहयोग को बढ़ाने और किसी देश, समूह या व्यक्ति को अपनी जमीन का इस्तेमाल आतंकवाद के लिए नहीं करने देने का प्रण लिया।
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इस दौरान चीन ने सीपीईसी परियोजना का अफगानिस्तान तक बढ़ाने का प्रस्ताव रखा। चीनी विदेश मंत्री वांग यी के साथ इस बैठक में पाकिस्तान और अफगानिस्तान से उनके समकक्ष ख्वाजा आसिफ और सलाहुद्दीन रब्बानी ने हिस्सा लिया।
सीपीईसी के अफगानिस्तान तक विस्तार से भारत की चिंता बढ़ने के सवाल पर चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनइंग ने कहा कि परियोजना का विस्तार किसी तीसरे देश से नहीं जुड़ा है।