रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के चीन सीमा पर स्थित नाथू ला दौरे के बाद चीन ने भारतीय सीमा पर नरमी के संकेत दिए हैं। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा कि वह भारत के साथ सीमावर्ती क्षेत्रों में साझा रूप से शांति बरकरार रखने को तैयार है।
सीतारमण के दौरे को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में चुनयिंग ने कहा कि सिक्किम सेक्टर की भारत-चीन सीमा 1890 की ऐतिहासिक संधि से निर्धारित हुई है और नाथू ला दर्रा इस संधि का सर्वश्रेष्ठ प्रमाण है। उल्लेखनीय है कि सीतारमण ने रक्षा मंत्री का पद संभालने के बाद पहली बार रविवार को सिक्किम की नाथू ला सीमा का दौरा किया था और चीनी सैनिकों के बातचीत के दौरान उन्हें ‘नमस्ते’ करना सिखाया था।
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चुनयिंग ने कहा कि चीन ऐतिहासिक संधियों और संबंधित समझौतों के आधार पर भारत के साथ संयुक्त रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और सौहार्द बनाए रखने का इच्छुक है। चीन डोकलाम गतिरोध के दौरान अक्सर 1890 की ब्रिटेन-चीन संधि का हवाला देता रहा है और कहता रहा है कि सिक्किम सेक्टर की यह सीमा तिब्बत के साथ लगती है इसलिए उस क्षेत्र की सीमा निर्धारित है।
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नाथू ला पर ‘नमस्ते डिप्लोमेसी’ के साथ पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के सैनिकों के साथ सीतारमण की बातचीत ने डोकलाम गतिरोध के बाद द्विपक्षीय संबंध सुधारने के लिए चीनी रणनीतिकारों को एक ‘गुडविल संदेश’ दिया है।
चीन के सरकारी न्यूज चैनल सीजीटीएन सीतारमण के दौरे का वीडियो जारी किया था जिसका शीर्षक था, ‘चीनी बॉर्डर सैनिकों के साथ भारतीय रक्षा मंत्री की मुलाकात।’ वहीं हांगकांग के साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने ‘भारतीय रक्षा मंत्री ने चीनी सैनिकों के साथ दूरियां कम कीं’ शीर्षक से खबर छापी थी।