चीन ने डोकलाम से 10 किमी दूर पीपुल्स लिबरेशन आर्मी द्वारा किये जा रहे सड़क निर्माण और सेना की तैनाती पर अपना रुख स्पष्ट किया है। चीन ने कहा कि सेना की तैनाती हमारे सुरक्षा अधिकार से जुड़ा मुद्दा है। डोकलाम हमेशा से हमारे अधिकार में था और चीन की सेना हमेशा से ही डोंगलांग जिले में गश्त करती है।
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चीन ने कहा कि सीमा संधियों और समझौतों के अनुसार, यह हमारी क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला है। विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि इस बात पर कभी कोई विवाद नहीं रहा कि डोकलाम(डोंगलांग) चीन का हिस्सा है और चीनी प्रशासन के द्वारा इस पर नियंत्रण रखा जाता है।
वहीं भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि 28 अगस्त के बाद से डोकलाम में किसी भी तरह का नया निर्माण नहीं किया गया है। वहीं भारतीय सेना के सूत्रों के मुताबिक PLA डोकलाम से 10 किमी दूर सड़क का निर्माण कर रहा है। हालांकि भारतीय सेना से जुड़े सूत्रों ने बताया कि जिस क्षेत्र में निर्माण कार्य किया जा रहा है, वह चीन का हिस्सा है और इससे भारत पर किसी भी प्रकार का रणनीतिक प्रभाव नहीं पड़ेगा।
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जिस क्षेत्र में निर्माण कार्य किया जा रहा है वहां चीन के 500 सैनिकों की तैनाती की गई है। भारतीय एयर फोर्स के चीफ बीएस धनोवा ने भी गुरुवार को कहा था कि चीनी सेना चुंबी वैली में तैनात है और उन्हें उम्मीद है कि वो जल्द वापस चली जायेगी। आपको बता दें कि भारत और चीन के बीच डोकलाम विवाद 28 अगस्त को ही समाप्त हुआ है, ऐसे में चीनी सेना के द्वारा किया जा रहा सड़क निर्माण फिर से विवाद की स्थिति पैदा कर सकता है।