चीन ने सोमवार को राष्ट्रपति
शी जिनपिंग के आजीवन सम्राट बनने की वैश्विक चिंताओं को खारिज कर दिया है। कम्युनिष्ट पार्टी ऑफ
चाइना (सीपीसी ) द्वारा जिनपिंग के अनिश्चितकालीन कार्यकाल बढ़ाने के प्रस्ताव पर रविवार को विचार करने के बाद दुनिया के राजनीतिक विशेषज्ञ इसे शी के आजीवन सम्राट बनने की इच्छा और उनकी तानाशाही प्रवृति की ओर इशारा कर रहे हैं। लेकिन चीन ने वैश्विक चिंताओं को खारिज करते हुए कहा कि देश के आधुनिकीकरण के दौर में यह अहम पहल है और ऐसे समय में देश को एक मजबूत और निरंतर नेतृत्व की दरकार है। सीपीसी 1949 से चीन की सत्ता पर काबिज है।
चीन की सत्ताधारी पार्टी ने सेंट्रल कमेटी में राष्ट्रपति और उप-राष्ट्रपति के कार्यकाल को दो बार से ज्यादा करने का एक प्रस्ताव दिया है। रविवार को पेश किए गए इस प्रस्ताव में कार्यकाल की अवधि अनिश्चित काल तक बढ़ाने की बात कही गई है। चीन की पार्टी की ओर से पेश किए गए इस प्रस्ताव का विरोध किया जा रहा है और कहा जा रहा है कि इससे चीन उत्तर कोरिया की तरह तानाशाही की ओर बढ़ सकता है। वहीं, चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लु कांग ने कहा कि मीडिया को अटकलें लगाना बंद करना चाहिए और इसे सही परिदृश्य में संविधान संशोधन के तौर पर देखा जाना चाहिए।