चीन ने शुक्रवार को फिर कहा कि परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में गैर एनपीटी देशों के प्रवेश पर उसके रुख में बदलाव नहीं आया है। इससे बर्न में चल रही मौजूदा अहम बैठक में प्रवेश के भारत के अवसरों को धक्का लगा है।
मीडिया को संबोधन में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने कहा, ‘जहां तक गैर-एनपीटी देशों के समूह में शामिल होने की बात है तो मैं आपको बता सकता हूं कि चीन का रुख नहीं बदला है।’ वह एक सवाल का जवाब दे रहे थे कि क्या स्विट्जरलैंड की राजधानी बर्न में पूर्ण बैठक में चीन के रुख में क्या कोई बदलाव आया है।
उन्होंने कहा, ‘मैं बताना चाहूंगा कि एनएसजी में नए सदस्यों के शामिल होने को लेकर स्पष्ठ नियम है और सोल बैठक में यह स्पष्ट आदेश है कि इस मुद्दे से कैसे निपटा जाए।’ उन्होंने कहा, ‘जहां तक नए सदस्यों को शामिल करने के मापदंड की बात है, जितना मुझे पता है स्विट्जरलैंड में यह पूर्ण बैठक सोल बैठक के आदेश का पालन करेगी और सर्वसम्मति को लेकर फैसले का सिद्धांत बरकरार है।
समूह में गैर एनपीटी देशों के तकनीक, कानून और राजनीतिक पहलुओं जैसे विभिन्न आयामों पर चर्चा होती है।’ भारत की राह में अड़ंगे के चीन के रुख से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों में बड़ी अड़चन बनी हुई है।