पाकिस्तान के बाद अब चीन की नजर बांग्लादेश पर है। चीन ने वादा किया है किया है कि वह रक्षा संबंधों के माध्यम से बांग्लादेश से सैन्य रिश्तों को मजबूत बनाएगा। इन रक्षा संबंधों में सैनिकों को ट्रेनिंग देने के साथ साथ सैन्य उपकरण भी उपलब्ध कराएगा।
बता दें कि चीन ने यह वादा तब किया है जब उसके रक्षा मंत्री जनरल चांग वांकन ने ढाका में वहां के शीर्ष सैन्य नेतृत्व से मुलाकात की। चीनी जनरल चांग ने बांग्लादेशी सेना के जनरल अबु बेलाल मुहम्मद शैफुल हक, नेवी चीफ एडिमिरल मोहम्मद निजामुद्दीन अहमद और एअर फोर्स मार्शल अबु एसरार से मुलाकात की। इस दौरान चांग ने कहा कि 1975 में जब दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रिश्ते बने हैं तभी से दोनों के बीच राजनीति, अर्थव्यवस्था व्यापार और सांस्कृतिक क्षेत्रों में काफी प्रगति हुई है। चांग ने यह भी कहा कि दोनों मुल्कों के नेताओं के प्रयासों के चलते जहां हमारे सैन्य संबंध अच्छे रहे हैं वहीं अन्य क्षेत्रों में भी हमारे संबंध अच्छे हो रहे हैं।
चांग ने कहा कि चीनी सेना, बांग्लादेश की सेना के साथ काम करना चाहती है, इसकी मदद से उस सहमति को लागू किया जा सकेगा जो चीन की राष्ट्रपति शी जिनपिंग और बांग्लादेशी प्रधानमंत्री शेख हसीना के बीच हुई थी। चांग ने कहा कि चीन रक्षा संबंधों के माध्यम से बांग्लादेश से सैन्य रिश्तों को मजबूत बनाएगा। इसके तहत सैनिकों को ट्रेनिंग देने के साथ साथ सैन्य उपकरण भी उपलब्ध कराया जाएगा।
वहीं बांग्लादेश के तीनों सेना प्रमुखों ने भी कहा कि चीन विश्वास करने योग्य रणनीतिक साझेदार है। सेना प्रमुखों ने कहा कि दोनों देशों ने उच्च स्तरीय राजनीतिक आपसी विश्वास बना लिया है और बेहतर अर्थव्यवस्था संचालित की तथा व्यापार सहयोग विकसित किया है। बांग्लादेशी पक्ष ने लंबी अवधि के समर्थन और मदद के लिए चीन द्वारा की गई पेशकश की सराहना की साथ ही यह भी कहा कि देश मजबूती से अपने मूल राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने में चीन का समर्थन करते हैं।