चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग
फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) द्वारा पाकिस्तान को आतंकी फंडिंग रोकने में नाकाम रहने पर ग्रे लिस्ट में डाले जाने के मामले में चीन ने कोई टिप्पणी नहीं लेकिन उसकी तारीफ करते हुए कहा कि दुनिया को आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष में पाक की जोरदार कोशिशों और कुर्बानियों का सम्मान करना चाहिए।
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग ने कहा कि हम एफएटीएफ के फैसले पर कुछ नहीं कहेंगे लेकिन पाकिस्तान के आतंक रोधी प्रयासों की न सिर्फ चीन ने बल्कि दुनिया के कई देशों ने सराहना की है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एफएटीएफ के फैसले को निष्पक्ष ढंग से देखना चाहिए।
बता दें कि आतंकी फंडिंग का रास्ता रोकने के लिए पाकिस्तान द्वारा पेश 26 सूत्री कार्ययोजना के बावजूद एफएटीएफ ने उसे ग्रे लिस्ट में डालने का फैसला किया है।
पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में डाले जाने से उसकी अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंच सकता है, जो पहले से ही खस्ताहाल है। पाकिस्तान ने इस लिस्ट से बचने के लिए तमाम कोशिशें की लेकिन सफल नहीं हुआ। मालूम हो कि अंतरराष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था को मनी लांड्रिंग एवं आतंकी फंडिंग के खतरों से बचाने के लिए 1989 में एफएटीएफ की स्थापना की गई थी।