पिछले हफ्ते सिंगापुर के शांगरी-ला डायलॉग में भारत-चीन रिश्तों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सकारात्मक टिप्पणी का चीन ने स्वागत किया है। इसके साथ ही चीन ने दोनों देशों के नेताओं के बीच बनी सहमति को ध्यान में रखते हुए द्विपक्षीय संबंधों को बनाए रखने और गति देने के लिए भारत के साथ काम करने की इच्छा भी जताई है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा था कि एशिया और दुनिया का भविष्य बेहतर तभी होगा जब एक-दूसरे के हितों को ध्यान में रखते हुए भारत और चीन विश्वास और भरोसे के साथ मिलकर काम करेंगे।
एशिया के इस प्रमुख रक्षा और रणनीतिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा था कि भारत और चीन, दोनों ने ही आपसी मुद्दों को सुलझाने और सीमा पर शांति बरकरार रखने के लिए परिपक्वता और बुद्धिमानी का परिचय दिया है।
मोदी ने कहा था कि दुनिया की सबसे अधिक जनसंख्या वाले इन दोनों देशों के बीच सहयोग भी बढ़ा है। चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनइंग ने प्रधानमंत्री की टिप्पणी का स्वागत करते हुए कहा कि, 'हमने चीन-भारत संबंधों पर प्रधानमंत्री मोदी द्वारा की गई सकारात्मक टिप्पणियों पर ध्यान दिया है। हम इस तरह की सकारात्मक टिप्पणियों की काफी सराहना करते हैं।'
पीएम मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच वुहान में हुई अनौपचारिक बैठक को याद करते हुए हुआ ने कहा कि दोनों के बीच में अंतरराष्ट्रीय और द्विपक्षीय संबंधों को लेकर गहराई से विचारों का आदान-प्रदान हुआ। उन्होंने कहा कि दोनों नेता कई सहमतियों पर पहुंचे थे।