चीन ने इस साल मंत्रिमंडल में बड़े फेरबदल की योजना पेश की है। इसमें उसके बैंकिंग और बीमा नियामक का विलय भी शामिल है। यह कदम तेजी से बढ़ते कर्ज के मद्देनजर वित्तीय प्रणाली में खतरे को कम करने के लिए उठाया गया है।
सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में इस बड़े फेरबदल का उद्देश्य सरकार का बेहतर गठन, ज्यादा उपयोगी और सेवा केंद्रित बनाना है। हर पांच साल के बदलाव के तहत चीन में विदेश मंत्रालय समेत अन्य मंत्रालयों में नए मंत्रियों के नियुक्ति की घोषणा होनी है। सरकारी एजेंसी शिन्हुआ ने खबर दी है कि इस सुधार योजना को मौजूदा चल रहे सत्र में नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (एनपीसी) को विचार विमर्श के लिए सौंपा जाएगा।
खबर के अनुसार फेरबदल के राज्य परिषद् में 26 मंत्री और कमिशंस होंगे। इसमें चीन के बैंकिंग और बीमा नियामक का विलय भी शामिल है। हांगकांग के साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने खबर दी है कि इसके अतिरिक्त आव्रजन संबंधी मामलों की देखरेख के लिए एक स्पेशल ब्यूरो भी गठित किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वित्तीय जोखिम के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है। योजना के तहत चीन की संस्कृति और राष्ट्रीय पर्यटन प्रशासन का भी विलय प्रस्तावित है।