चीन ने अगले कुछ हफ्ते तक विदेशी पर्यटकों के तिब्बत आने पर रोक लगा दी है। राजनीतिक रूप से अहम कुछ तारीखों को देखते हुए चीन ने यह कदम उठाया है। इस कदम से तिब्बत की स्वायत्तता और उस पर चीन के दबाव को लेकर फिर सवाल उठ रहे हैं।
विभिन्न ट्रैवल एजेंसियों का कहना है कि विदेशी पर्यटकों को पहली अप्रैल तक तिब्बत में आने से रोका गया है। यह स्पष्ट नहीं है कि रोक कब से लगाई गई। कुछ समूहों के मुताबिक इस महीने की शुरुआत में ही यह प्रतिबंध लगा दिया गया था। प्रतिबंध की पुष्टि कई एजेंसियों की वेबसाइट से हुई है।
10 मार्च को यहां चीन के खिलाफ 1959 में हुए आंदोलन के 60 साल पूरे हो रहे हैं। इसके अलावा, 2008 में ल्हासा में हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनों की भी 14 मार्च को वर्षगांठ है। इन तारीखों को ध्यान में रखते हुए हर ओर बड़ी तादाद में सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। विदेशी पत्रकारों, राजनयिकों और पर्यटकों का प्रवेश पूरी तरह बंद कर दिया गया है।