चीन ने शुक्रवार को कहा कि वह मालदीव के राजनीतिक संकट पर भारत से संपर्क में है और इसे भारत और चीन के बीच विवाद का कारण नहीं बनना चाहिए।
चीन के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, चीन ने उन रिपोर्ट की अवहेलना की है जिसमें
मालदीव में भारतीय आर्मी के हस्तक्षेप की मांग की जा रही है। हालांकि इसके साथ ही बीजिंग इस संकट के शांतिपूर्ण समाधान के लिए भारत के साथ संपर्क में है।
बता दें कि दोकलम विवाद और आतंकी मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने जैसे मुद्दों पर भारत का चीन के साथ टकराव लगातार जारी है। ऐसे में चीन चाहता है कि मालदीव पर भारत के साथ विवाद का कारण न बने।
गौरतलब है कि पूर्व राष्ट्रपति नाशीद द्वारा भारत से लगातार मदद मांगने और
भारतीय सेना के मूवमेंट की खबरों के बीच चीन बुरी तरह से बौखला गया है। उसने कहा है कि भारत को माले में किसी भी सूरत में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने तो यहां तक कहा कि संबंधित पक्ष किसी तीसरे की मध्यस्थता के बजाय आपस में बातचीत और संपर्क कर मतभेदों को दूर करें।
चीन के सरकारी अखबार ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने अपने प्रमुख संपादकीय में इस बाबत भारत को नसीहत देने की कोशिश की है। अखबार के हवाले से चीन ने कहा कि मालदीव के आंतरिक मसलों पर भारत को किसी भी सूरत में दखल नहीं देना चाहिए।