फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चीन ने तिब्बतियों पर 'कालचक्र पूजा' में हिस्सा लेने का दबाव डालने से किया इनकार

Fri, 06 Jan 2017 10:39 PM IST
एजेंसी/ बीजिंग
विज्ञापन
दलाईलामा का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
चीन ने शुक्रवार को इन खबरों का खंडन किया कि उसने हजारों तिब्बतियों पर भारत में दलाईलामा द्वारा की जा रही ‘कालचक्र पूजा’ (महत्वपूर्ण बौद्ध अनुष्ठान) में शामिल नहीं होने के लिए दबाव डाला है। वैसे उसने इस कार्यक्रम को उसके खिलाफ नफरत फैलाने का एक राजनीतिक औजार करार दिया है।
विज्ञापन


चीनी पीपुल्स पॉलिटिकल कंसलटेटिव कांफ्रेंस की जातीय एवं धार्मिक समिति के अध्यक्ष झू वीकुन ने सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स से कहा कि दलाईलामा की उपस्थिति का फायदा उठाकर कालचक्र की शिक्षाओं ने पिछले दशक के दौरान तिब्बतियों को अवैध रूप से विदेश में जाने की लालच पैदा की है। दलाईलामा इस महीने बोधगया में 34वें कालचक्र प्रवर्तन की अध्यक्षता करेंगे, जिसमे दुनियाभर से हजारों श्रद्धालु पहुंचेंगे। इसी स्थान पर 2000 साल से भी पहले भगवान बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ था।

ग्लोबल टाइम्स के अनुसार कालचक्र की तैयारियों के बीच बुधवार को आयोजन समिति के अध्यक्ष गेलेक युथोक ने कहा कि करीब 7000 श्रद्धालु वहां के अधिकारियों के दबाव के चलते चीन लौट गए। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के यूनाइटेड फ्रंट वर्क डिपार्टमेंट में तिब्बत विषयक ब्यूरो के उप निदेशक झु झिताओ ने कहा कि सरकार ने किसी भी तरीके से श्रद्धालुओं को वापस लौटने की धमकी नहीं दी। वैसे सरकार ऐसे कार्यक्रम के लिए उन्हें बढ़ावा नहीं देती है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में निश्चित ही राजनीति शामिल है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें