पिछले काफी समय से वैश्विक विमान निर्माताओं के साथ प्रतिस्पर्धा करने का प्रयास कर रहा चीन इस दिशा में सफलता की ओर बढ़ता नजर आ रहा है। कमर्शियल एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन ऑफ चाइना (सीओएमएसी) ने अपने बहुप्रतीक्षित पैसेंजर विमान सी919 की ग्राउंड टेस्टिंग कर ली है और अब यह उड़ान भरने के लिए तैयार है।
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टेस्टिंग कर चीन ने रूस को पीछे छोड़ दिया है। क्योंकि रूस भी पैसेंजर विमान बनाने की कोशिशों में लगा है। चीन का यह विमान काफी पहले आ जाता लेकिन प्रोडक्शन की वजह से सी919 की फ्लाइट में 2014 से कम से कम दो बार इसमें देरी हुई।
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चीन ने अपने इस खास 158 सीट वाले विमान की पहली झलक 2015 में शांघाई में एक कार्यक्रम में दिखाई थी। चीन का यह विमान पश्चिमी देशों के एयरबस और बोइंग को टक्कर देने के तौर पर भी देखा जा रहा है।
इसके अलावा चीन का विमानन क्षेत्र में लगातार दबदबा बढ़ रहा है। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि चीन की सेफ्टी सर्टिफिकेशन अथॉरटी इस हफ्ते शंघाई में यूरोपीयन सेफ्टी अथॉरिटीज के साथ संयुक्त रूप से आयोजित एक सम्मेलन में विदेशी नियामकों और आपूर्तिकर्ताओं की मेजबानी करेगी।