गोवा में 15 अक्टूबर से शुरू होने जा रहे होने जा रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले चीन के एक वरिष्ठ राजनयिक ने सोमवार को कहा कि चीन परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में भारत की पूर्ण सदस्यता के मुद्दे को लेकर बातचीत करने के लिए तैयार है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भारत यात्रा से पहले बीजिंग ने भारत के साथ अच्छे रिश्ते बनान के संकेत दिए हैं।
हालांकि चीन की की ओर से हाल ही में दिए एक बयान से आतंकी मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगाने के भारत के प्रयास को धक्का लगा है। चीन ने कहा है कि आतंकवाद का मुकाबला करने के नाम पर किसी को ‘राजनीतिक फायदा’ नहीं उठाना चाहिए।
एनएसजी पर बात करने का इच्छुक लेकिन, अजहर पर नहीं!
ब्रिक्स देशों के नेताओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)
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भारत का आरोप है कि आतंकी मसूद अजहर के संगठन जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों ने पिछले महीने उड़ी में सेना के कैप पर हुए आतंकी हमले व जनवरी में पठानकोट में हुए आतंकी हमले को अंजाम दिया था। भारत पिछले काफी समय से मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करवाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है लेकिन, चीन दो बार भारत के प्रयासों को असफल कर चुका है।
जहां चीन एनएसजी पर भारत से बातचीत करने की इच्छा जता रहा है तो वहीं आतंकी मसूद अजहर पर बात करने को लेकर ढुलमुल रवैया अपनाता दिख रहा है। चीन का कहना है कि वह एनएसजी में भारत के प्रवेश को लेकर बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन मसूद अजहर पर पाबंदी के नाम पर किसी को राजनीतिक फायदा उठाने का विरोध करता है।
इसी हफ्ते भारत आ रहे हैं शी जिनपिंग
इसी हफ्ते शी के भारत दौरे से पहले चीन ने मीडिया ब्रीफिंग के दौरान अपना ये रुख सामने रखा। एनएसजी में भारत की सदस्यता को लेकर चीनी उप विदेश मंत्री का कहना है कि, "नियम के मुताबिक चीन अकेले तय नहीं कर सकता...हम लगातार भारत से इस मुद्दे पर विचार-विमर्श कर रहे हैं। और हमें आशा है कि भारत एनएसजी का सदस्य बन सकता है।"
चीन के विदेश मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक 13 से 17 अक्तूबर के अपने दौरे में शी जिनपिंग सबसे पहले कंबोडिया जाएंगे, उसके बाद बांग्लादेश जाएंगे और अंत में ब्रिक्स सम्मेलन में भाग लेने के लिए गोवा पहुंचेंगे।