ताइवान से अपने संबंध विच्छेद करने के कई दिन बाद पश्चिमी अफ्रीकी देश बुर्किना फासो ने चीन के साथ अपने संबंध स्थापित किए हैं। दोनों देशों के बीच शनिवार को एक समझौते मसौदे पर हस्ताक्षर हुए हैं। इसे बीजिंग की एक और कूटनीति जीत के तौर पर देखा जा रहा है। ताइवान को अलग-थलग करने के अपने अभियान में राष्ट्रपति शी जिनपिंग को सफलता मिली है।
चीन के विदेश मंत्री वांग यी और उनके समकक्ष अल्फा बैरी ने बीजिंग में एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। वांग ने अपने संबोधन में कहा कि बुर्किना फासो ने दुनिया में एक चीन के सिद्धांत को मान्यता दे दी है। सही वक्त पर बुर्किना फासो की सरकार ने यह फैसला कर लिया है।
ताइवान के पास अफ्रीका में सिर्फ एक सहयोगी स्विट्जरलैंड है, जिसके साथ हमने अब तक संबंध स्थापित नहीं किए हैं। हमें इस देश से उम्मीद है कि वह जल्द से जल्द बड़े चीन-अफ्रीकी पारिवारिक दोस्ती को स्वीकार कर लेगा। चीनी कम्युनिष्टों के सिविल वार जीतने के बाद चीन और ताइवान 1949 में अलग हो गए थे।