गुरुवार को दो अमेरिकी लड़ाकू विमान ने दक्षिण चीन सागर पर उड़ान भरी। शुक्रवार को अमेरिकी एयरफोर्स ने इस बात की जानकारी दी। अमेरिका ने कहा कि दक्षिण चीन सागर में उड़ान अंतरराष्ट्रीय सीमा और अधिकार को बनाए रखने के लिए भरी गई। इस क्षेत्र पर चीन हमेशा से अपना अधिकार बताता आया है।
गुरुवार को उड़ान से पहले दो बी-1बीएस ट्रेंड विमान ने जापानी लड़ाकू विमान के साथ पूर्व चीन सागर में उड़ान भरी। यह पहला मौका था जब दोनों देशों ने एक साथ मिलकर कोई नाइट ड्रील किया।
गौरतलब है कि अमेरिका उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षण को लेकर नाराज है। पिछले हफ्ते उत्तर कोरिया ने मिसाइल परीक्षण किया था, जो जापान के क्षेत्र में गिरी थी। वहीं उत्तर कोरिया ने कहा था कि यह मिसाइल परिक्षण अमेरिका के लिए तोहफा है।
अमेरिका चाहता है कि चीन उत्तर कोरिया पर दबाव बनाएं कि वह अपने मिसाइल पर परमाणु बम के परीक्षण पर रोक लगाए।